Madhya Pradesh News: प्रेमविजय पाटिल, धार। नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले के धार-धामनोद मार्ग स्थित भारूड़पुरा के निचले ग्राम कोठिडा में नवनिर्मित मिट्टी के बांध लीकेज होने का मामला प्रकाश में आया है। यहां से लगातार पानी बह रहा है। इस मामले को प्रशासन और जन संसाधन विभाग ने गंभीरता से लेते हुए पानी का लीकेज रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं राजस्व विभाग ने बांध के निचले क्षेत्र में बसे हुए गांव को अलर्ट जारी कर दिया है। पूरे मामले में प्रशासन सतर्क है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मामले में पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। सरकार ने इस मामले में बयान भी जारी किया गया है। मौके पर पहुंचे मंत्री तुलसी सिलावट ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जल संसाधन मंत्री ने जांच के आदेश देते हुए कमेटी बनाने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि अधिकारियों पर और कंपनी पर जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।

तीन दिन में रिपोर्ट देगी कमेटी, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

मीडिया से बातचीत में सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान गुरुवार रात से ही प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ ही मंत्री इस गंभीर मामले पर नजर रखे हुए हैं। करोड़ों की इस परियोजना से 42 गांवों के 10 हजार 500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। पानी बढ़ने से जो यह स्थिति निर्मित हुई है, उसे हल करने में पूरी गंभीरता से युद्धस्तर पर लगे हुए हैं। लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक कमेटी बनाई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ठेकेदार से लेकर बड़े अधिकारी तक सख्ती से कार्रवाई होगी।

सरकार के बयान में कहा गया है कि धार जिले की धरमपुरी तहसील में कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के बांध डाउन स्ट्रीम की मिट्टी स्लिप हो जाने से बांध को ख़तरा बना होने की स्थिति निर्मित हुई। उक्त बांध की लम्बाई 590 मीटर और ऊंचाई 52 मीटर है और वर्तमान में 15 MCM पानी उक्त बांध में संचयित है। कमिशनर और आइजी इंदौर और कलेक्टर और एसपी धार के साथ जलसंसाधन विभाग के और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं। ऐहतियातन धार ज़िले के 12 गांव और खरगोन ज़िले के 6 गांवों को ख़ाली करावाकर सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविरों में भेज दिया गया है। एनडीआरफ और एसडीइआरएफ धार और इंदौर की टीम और पड़ोस के थानों का पुलिस बल द्वारा होम गार्ड तथा राजस्व विभाग के अमले के साथ बचाव कार्य किया जा रहा है। वायुसेना के 2 हेलिकॉप्टर और सेना की एक कम्पनी सुरक्षित रखी गयई है। जल संसाधन विभाग द्वारा बांध को सुरक्षित रखे जाने के लिए कार्य किया जा रहा है।

शुक्रवार को सभी गांव को खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उक्त वीडियो आने के बाद में स्थिति गंभीर हुई। जिस पानी के रिसाव को कल रोकने का दावा किया गया था वहां से फिर से पानी निकलना शुरू हुआ था। ग्रामीणों को स्कूल और अन्य सुरक्षित भवनों पर पहुंचाने के लिए तेजी से हो रही है कार्रवाई।

फोरलेन पर यातायात रोक दिया गया है। ग्राम गुजरी को बंद करवाया जा रहा है। कलेक्टर को पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे तनाव का वातावरण। धार, खरगोन व आसपास के 11 गांवों में अलर्ट जारी कर गांवों को ऐहतियातन खाली कराया जा रहा है।

जल संसाधन मंत्री पहुंचे

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट धार ज़िले के कारम डैम पहुंचे हैं। यहां जल संसाधन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण द्वारा अपनी देख-रेख में बांध में हुए लीकेज से उत्पन्न परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है।

प्रशासन की तैयारियां पूरी

गुरुवार को प्रशासन ने तमाम तैयारियां कर ली थी। यदि बांध में अचानक से कोई बड़ी समस्या आती है तो गांव वालों को सुरक्षित करने का प्लान तैयार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यह सामान्य रिसाव है। इसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें प्राथमिक रूप से सफलता भी मिल गई है।

गुरुवार को कारम नदी पर बनाए गए उक्त बांध के मामले में अचानक से रिसाव होने की जानकारी सामने आई है। इसका वीडियो इंटरनेट के माध्यम से सभी दूर फैल गया। इससे बड़ी संख्या में लोग मौके पर इस स्थिति को देखने के लिए भी पहुंच गए। वहीं आसपास के बसे हुए गांव के लोगों को सुरक्षित किया जा रहा है। फिलहाल लीकेज सामान्य है।

बता दें कि कारम नदी पर करीब 200 कराेड़ की लागत से बांध बनाया गया है। इसमें एक मजबूत सीमेंट के बांध के अलावा जल संग्रहण के लिए मिट्टी का बांध भी बनाया गया है। इसमें वर्तमान में करीब 295 मीटर के जल स्तर तक पानी भरा हुआ है। क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण मानसून के मध्य सत्र में ही पानी भर गया है। एक लीकेज के कारण ताबड़तोड़ में प्रशासन और जल संसाधन विभाग हरकत में आया।

इस बारे में नायब तहसीलदार धररपुरी क्षेत्र केशव सोलंकी ने बताया कि जल संसाधन विभाग के मिट्टी बांध से पानी लीकेज की सूचना मिलने पर प्रशासन के अधिकारियों ने हमें इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि हमने बांध के निचले स्तर के जो प्रमुख 3 गांव हैं, वहां पर मुनादी करवा दी है। तुरंत ही इन गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए कहा गया है। हालांकि यहां सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं।

फिलहाल कोई बहुत बड़ी चिंता की स्थिति नहीं है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। कलेक्टर खुद बांध को देखने के लिए पहुंचे हैं। कारम नदी के आसपास कोठीदा गांव के साथ इमलीपुरा, दुगनी, डेहरिया, सिरसोदिया और हनुमंत्या बसे हुए हैं। इन गांवों में विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। यदि किसी तरह की अप्रिय स्थिति बनती है तो उसे तुरंत निपटा जा सकता है। हालांकि बांध की लीकेज को रोकने के लिए बहुत व्यापक स्तर पर काम शुरू हो चुके हैं। बता दें कि पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे हैं।

इस बारे में बांध निर्माण संबंधी कार्य विभाग जल संसाधन के एसडीओ एसके सिद्दीकी ने बताया कि इसमें एक मामूली सा लीकेज हुआ। इसमें एक मोटर का पानी लगातार बह रहा है। यह बहुत बड़ा रिसाव नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी के बांध में बहुत नुकसान या फूटने की स्थिति नहीं है। इसलिए इसको भी हमने बड़े स्तर पर रोकने के लिए काम शुरू कर दिया है। इसमें हम मुरम डालने से लेकर जो पानी का रिसाव रोकना में लगे है। इसके लिए बहुत तेजी से काम कर रहे है। मशानी लगाई गई है। युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। बहुत जल्द ही इस पानी को रोकने में सफलता मिल जाएगी। कुछ हद तक हमें पानी को रोकने में सफलता मिल भी गई है। इस तरह से बांध के क्षेत्र में फिलहाल स्थिति है सभी लोगों को सुरक्षित रखा जा सके

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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