Madhya Pradesh Panchayat Election 2020 : बदनावर। त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव के लिए 98 ग्राम पंचायतों में सरपंच व पंच पदों के लिए सोमवार को जनपद पंचायत परिसर में आरक्षण प्रक्रिया संपन्न हुई। इसे लेकर गांवों में उत्सुकता का माहौल रहा। सरपंच पद के लिए हर कोई सपने देख रहा था। इसलिए बड़ी संख्या में लोग परिसर के बाहर जमा हो गए, लेकिन आरक्षण के दौरान कि सी के चेहरे पर खुशी तो कोई निराश दिखाई दिया। वार्ड पंचों के लिए आरक्षण प्रक्रिया शाम तक चलती रही। बदनावर जनपद पंचायत में कु ल 98 ग्राम पंचायतों के लिए सरपंच व पंच पदों के लिए आरक्षण प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी नेहा साहू की उपस्थिति में हुई। इसमें कु छ पंचायतों का फैसला बालिका शिवानी ने लाटरी से निकाला। अधिक पंचायत होने से बालिका थककर टेबल पर ही सो गई। कुल 98 पंचायतों में आरक्षण के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। इसमें अजा वर्ग की 11, अजजा 38, पिछड़ा 25 एवं 24 ग्राम पंचायतें अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। इनमें भी अजा महिला की 6, अजजा की 19, पिछड़ा वर्ग 13 व अनारक्षित 11 शामिल हैं।

इस प्रकार कुल 49 पंचायतों में महिलाएं सरपंच पदों का प्रतिनिधित्व करेंगी। आरक्षण में बडी ग्राम पंचायतें जिनमें पिछड़ा व सामान्य वर्ग का बाहुल्य है, वह अधिकांश आरक्षण में अजजा के लिए आरक्षित हो गई। इसलिए इन पंचायतों में सरपंच बनने के जो ख्वाब देख रहे थे, वह आरक्षण की वजह से चकनाचूर हो गए। आरक्षण प्रक्रिया से अब नए समीकरण बन गए हैं। ग्राम पंचायत निंदवानिया अजा महिला व नवीन ग्राम पंचायत खरडिया अपिव वर्ग के लिए आरक्षित घोषित हुई है, लेकि न इन गांवों की आबादी शत-प्रतिशत अजजा की है। ऐसे में इनमें चुनाव देरी से हो सकते हैं। दरअसल, इनमें यह स्थिति वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार आरक्षण के कारण उत्पन्न हुई। जनगणना के दौरान इन पंचायतों में संबंधित वर्ग के मतदाता दर्ज है। आरक्षण के दौरान सीईओ तीजा पंवार, तहसीलदार योगेंद्रसिंह मौर्य, नायब तहसीलदार मनीष जैन, पूर्व विधायक खेमराज पाटीदार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कमलसिंह पटेल, निवृतमान नप अध्यक्ष अभिषेक मोदी, दिनेश गिरवाल, विक्रम पटेल सहित सरपंच व पंच मौजूद थे।

अजजा के लिए आरक्षित हुई तीनों ग्राम पंचायतें

ढोलाना। ढोलाना, पालीबड़ौदा व जवास्या पंचायतें अजजा के लिए आरिक्षत हुई। इसमें ढोलाना में महिला अजजा तथा पालीबड़ौदा व जवास्या को पुरुष अजजा के लिए आरिक्षत कि या गया। कारोदा के लिए यह पद अनारिक्ष घोषित हुआ। खैरवास ग्राम पंचायत के लिए यह पद महिला के लिए अनारक्षित हुआ तो पहली बार बनने जा रही ग्राम पंचायत बेगंदा में सरपंच पद पिछड़ा वर्ग की महिला को आरक्षित किया गया।

इस बार भी कंकराज पंचायत आरक्षण के पंजे में

कंकराज। विकासखंड बदनावर में ग्राम पंचायतों के लिए आरक्षण की रुपरेखा में ग्राम पंचायत कंकराज का सरपंच पद अजजा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। 1994 में अलग अस्तित्व में आई कंकराज पंचायत 26 साल बाद भी आरक्षण से मुक्त नहीं हो पाई है। इससे आरक्षण व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। 1994 में सरपंच पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हुआ। इसमें नर्मदाबाई परमार विजयी हुई। 2000 में सरपंच अजजा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ। इसमें काजी मुनिया सरपंच चुने गए। 2005 में सरपंच पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित कि या गया। रामेश्वर पडिहार सरपंच बने। 2010 में सरपंच पद फिर अजजा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ। गोरधन मुनिया पंचायत के प्रथम नागरिक चुने गए। 2015 में एक बार फिर अनारक्षित महिला के लिए सरपंच पद आरक्षित हुआ। इसमें वरदीबाई सिरवी सरपंच निर्वाचित हुई, लेकि न पिछले 26 साल में सामान्य वर्ग के पुरुषों के लिए कोई मौका आरक्षण व्यवस्था से नहीं मिल पाया। जिसका मलाल सामान्य वर्ग के पुरुषों में साफ देखने को मिल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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