Road Safety Campaign Dhar: बदनावर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सड़क सुरक्षा की दिशा में नईदुनिया द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है, वह सार्थकता की ओर आगे बढ़ रहा है। रविवार को बदनावर बस स्टैंड पर विशेषज्ञों के माध्यम से बस के चालकों से लेकर स्टाफ कर्मचारियों से संवाद किया गया। इसमें विशेषज्ञों और समाजसेवियों ने उनको यातायात के नियमों की जानकारी दी। साथ ही स्थानीय ब्लैक स्पाटों पर किस तरह से ध्यान रखकर वाहन चलाएं, यह भी समझाइश दी गई। उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन बचाने के लिए हर पल सावधानी रखी जाना चाहिए।

नईदुनिया अपने अभियान के तहत जन जागरण कर रहा है। इसी के तहत कई स्कूलों में आयोजनों का दौर शुरू हो चुका है। रविवार को बस स्टैंड पर चालकों और अन्य स्टाफ के लोगों से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से विजय बाफना द्वारा बताया गया कि किस तरह से वाहन संचालन के दौरान चालकों को सावधानी रखना चाहिए। आमतौर पर देखने में आया है कि बस संचालकों के बीच में एक प्रतिस्पर्धा वाला वातावरण होता है। ऐसे में वे समय और प्रतिस्पर्धा दोनों के चलते वाहन चलाने के दौरान छोटी-छोटी लापरवाही कर जाते हैं। परिणामस्वरूप हादसे होने लगते हैं। इसी केमद्देनजर विशेषज्ञ बाफना ने बताया कि वाहन संचालन के दौरान भले ही प्रतिस्पर्धा की स्थितियां हों, लेकिन किसी के जीवन से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। बस में मौजूद सवारियों की जिंदगी बहुत कीमती होती है। इसलिए यह ध्यान रखते हुए वाहन चालकों को अपनी बस चलाना चाहिए।

इसी तरह से यह भी ध्यान रखना होगा कि जिले की सड़क कहां पर खराब है। कहां पर ब्लैक स्पाटों के मद्देनजर गति और वहां की स्थानीय सुरक्षा के बारे में भी चालकों को जानकारी होना चाहिए तभी जाकर हादसे रोकने में हम सक्षम हो पाएंगे। इस मौके पर शरद पगारिया, मुख्त्यार भाई, मनोज सोलंकी, संदीप जैन, बाबूलाल माली मौजूद थे। इस पर चर्चा के दौरान बताया कि बदनावर की बड़ी चौपाटी से लेकर अन्य स्थान ऐसे हैं, जहां पर बसों के संचालन और बस चालकों को कई स्तर पर ध्यान रखने की आवश्यकता है। खासकर महू -नीमच राजमार्ग ऐसी जगह है जहां पर हादसे होने का डर बना रहता है। बसों को कई बार रांग साइड चलते देखा जाता है।

इसलिए ऐसी स्थिति निर्मित नहीं हो जिससे कि रांग साइड चले और यातायात के नियमों को उपयोग करते हुए आगे बढ़े। नईदुनिया की पहल के चलते स्कूलों में जागरण किया जा रहा है। वहीं संचालकों और बस के चालकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें मनोवैज्ञानिक रूप से उन्हें तैयार किया जा रहा है जिससे कि हादसों की संख्या कम से कम हो सके। साथ ही वह इस बात को समझें कि यात्री बस चलाना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। उसे बिल्कुल हल्के से नहीं लिया जाए क्योंकि इसमें एक दो नहीं बल्कि 50 यात्रियों की जिंदगी और उनके परिवार की सामाजिक सुरक्षा जुड़ी होती है। इस तरह से नईदुनिया की रविवार को भी मुहिम जारी रही और उसमें एक व्यापक समाज के माध्यम से जन जागरण किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close