डही (नईदुनिया न्यूज)। श्रावण माह इस बार 14 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक रहेगा। 32 दिन के श्रावण मास में चार सोमवार आएंगे। पंचांग का पांचवां महीना श्रावण गुरुवार से शुरू होकर शुक्रवार को समाप्त होगा।

महादेव मंदिरों में समितियों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नगर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रावण महीने के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोलेनाथ का अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा। शाम के समय महाआरती होगी।

प्रतिपदा तिथि की शुरुआत होगी

श्रावण भगवान शिव का सबसे प्रिय माह है। इसका प्रारंभ 14 जुलाई को हो रहा है। इस दिन से श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत होगी। पं. रजनीश दीक्षित के अनुसार इस साल श्रावण माह का पहला सोमवार व्रत 18 जुलाई को है। पंचांग के अनुसार इस दिन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। षष्ठी तिथि का प्रारंभ 17 जुलाई को रात 11 बजकर 24 मिनट पर होगा और समापन 18 जुलाई को रात 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। श्रावण का पहला सोमवार व्रत रवि योग में आ रहा है। इस दिन रवि योग प्रातः पांच बजकर 40 मिनट से अगले दिन 19 जुलाई को दोपहर दो बजकर 42 बजे तक है। रवि योग को मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। 18 जुलाई को सुबह 5ः40 बजे के बाद से सावन सोमवार व्रत की पूजा कर सकते हैं। हालांकि भगवान शिव की पूजा में राहुकाल आदि नहीं देखते हैं। कभी भी पूजा कर सकते हैं। श्रावण सोमवार व्रत के दिन राहुकाल सुबह 07ः31 मिनट से सुबह 09ः21 मिनट तक है। इस दिन पंचक पूरे दिन रहेगा। श्रावण सोमवार व्रत के दिन भद्रा रात में 10ः19 मिनट से अगले दिन 19 जुलाई को सुबह 05ः41 मिनट तक है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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