डिंडौरी मेहंदवानी (नईदुनिया न्यूज)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में जिला न्यायाधीश डीएन मिश्र के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के संबंध में तहसील मेंहदवानी में शुक्रवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर मौजूद रिसोर्स पर्सन व अधिवक्ता रज्जो कुरैशी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम 2005 के संबंध में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता में महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों की प्रावधानों के बारे में भी बताया। महिलाओं व बाल विकास अधिकारी श्याम सिंगौर ने घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज, बालिकाओं की मानव तस्करी व लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। जिला विधिक सहायता अधिकारी विजय खोबरागड़े ने भारतीय संविधान में महिलाओं के संबंध में किए गए उपबंध समानता का अधिकार, महिलाओं को शिक्षा व सरकारी सेवाओं, स्थानीय निकायों में आरक्षण समान कार्य के लिए समान वेतन, प्रसवास्था में महिलाओं को सुविधाएं आदि प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी। अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रवीण पटेल ने प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण अधिनियम, महिलाओं की गिरफ्तारी के संबंध में विधिक संरक्षण, अपराधिक विधि के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को उनके अधिकारों और उनके संबंध में उपलब्ध कानूनों की जानकारी प्रदान की जाए। महिलाओं के विरूद्ध होने वाले शोषण, उत्पीड़न व अन्याय को रोका जा सके और स्वास्थ समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, आगनवाड़ी केंद्र की पर्यवेक्षक सहित स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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