डिंडौरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आदिवासी बहुल जिले में 50 हजार से एक लाख रुपये तक लेकर सरकारी कर्मचारी बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है। अनियमितता की हद तो यह है कि नियमित किए गए लगभग दो सैकड़ा ऐसे लोग हैं जिनकी न तो योग्यता देखी गई और न ही शासन द्वारा निर्धारित मापदंड। बड़ा मामला सामने आने के बाद जीतोड़ मेहनत कर सरकारी नौकरी पाने का ख्वाब रखने वाले युवा अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। इस मामले में तत्कालीन सहायक आयुक्त अमर सिंह सहित उनके पहले पदस्थ रहे सहायक आयुक्त श्री बरकड़े की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला ने इसे बड़ी अनियमितता बताकर कलेक्टर और विभागीय मंत्री तक मामला पहुंचाने की बात कही है।

पीएमओ तक शिकायत करने की तैयारी

जिले में लगभग आधा दर्जन दलालों के माध्यम से साठगांठ कर बेरोजगार युवाओं से 50 हजार से एक लाख रुपये तक वसूल करने का आरोप है। उसके बाद उन्हें बाकायदा ग्रेड पे के आधार पर नियमितिकरण करने के बाद अलग-अलग स्कूलों में पदस्थ कर दिया गया। यह मामला सामने आने पर अब जागरुक और पीड़ित लोग पीएमओ तक शिकायत करने की बात कह रहे हैं। बताया गया कि विगत तीन वर्षों में सबसे अधिक भर्ती के बाद नियमितिकरण का खेल हुआ है। इस पूरे मामले में सहायक आयुक्त कार्यालय की स्थापना शाखा में पदस्थ एक चर्चित बाबू की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इंप्लाई कोड जारी करने में भी खेल

भर्ती से लेकर नियमितिकरण का पूरा खेल एक चैन के माध्यम से अंजाम दिया गया है। जो दलाल नियमितिकरण कराने में सक्रिय थे, वहीं दलाल बीईओ कार्यालय में संबंधित मनमानीपूर्वक नियमित किए गए कर्मचारियों का इंप्लाई कोड जनरेट कराकर उनके मनचाहे स्कूल में पदस्थ कराने तक की भूमिका में शामिल थे। जिला मुख्यालय के बीईओ कार्यालय सहित बजाग, करंजिया, अमरपुर, समनापुर, शहपुरा, मेहंदवानी बीईओ कार्यालय क्षेत्र में भर्ती करने के साथ नियमित कर पदस्थ किए गए सभी कर्मचारियों की जांच की मांग तेज होती नजर आ रही है।

इनका कहना है

यह बहुत ही गंभीर मामला है। सरकारी नौकरी इस तरह से नहीं बंटती, जिस तरह से आदिवासी विकास विभाग में नियमितिकरण करके पदस्थ किया गया है। इस पूरे मामले की जांच के लिए मैं कलेक्टर के साथ विभागीय मंत्री से चर्चा करूंगा। संबंधित अनियमितता की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। मैं कल ही इस संबंध में जांच की मांग को लेकर पत्र लिखूंगा।

नरेंद्र राजपूत

जिलाध्यक्ष भाजपा डिंडौरी।

मामला बहुत गंभीर है। यह पात्र और मेहनत करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के साथ छलावा है। शासकीय नौकरी किस तरह से पैसा लेकर बांटी जा रही हैं। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। मैं बुधवार को कलेक्टर से मिलकर इस संबंध में शिकायत करूंगा।

वीरेंद्र बिहारी शुक्ला

जिलाध्यक्ष कांग्रेस डिंडौरी।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags