डिंडौरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय स्थित मेकलसुता कॉलेज में नई शिक्षा नीति 2020 पर प्रशिक्षण की कार्यशाला आयोजित की गई। बताया गया कि भारत सरकार द्वारा शिक्षा में रोजगारोन्मुखी विषयों को शामिल कर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति के प्रचार प्रसार के लिए प्रदेश के सभी कॉलेजों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया जाना है। इसी क्रम में मेकलसुता कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज के संचालक इंजीनियर अनुराग बिलैया, प्राचार्य डॉ. बीएल द्विवेदी, रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप द्विवेदी, उपप्राचार्य डॉ. बीएस द्विवेदी सहित स्टॉफ उपस्थित रहा। रजिस्ट्रार प्रदीप द्विवेदी द्वारा पीपीटी के माध्यम से नई शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण बिन्दुओं के बारे में बताया गया। बताया गया कि नई शिक्षा नीति में किसी भी संकाय का विद्यार्थी किसी भी विषय का चुनाव सकता है और अपनी पढ़ाई कर सकता है।

कभी भी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे : बताया गया कि पूर्व में किसी कारणवश यदि कोई विद्यार्थी बीच में ही एक या दो वर्ष बाद पढ़ाई छोड़ देता था तो उसका पूरा साल बेकार हो जाता था, लेकिन नई शिक्षा नीति में अब एक से चार साल तक विद्यार्थी को क्रमशः सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री व रिसर्च का प्रमाण-पत्र मिलेगा। विद्यार्थी कभी भी अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है। साथ ही इस शिक्षा नीति को सीबीसीएस सिस्टम में बनाया गया है, यह नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के लिए एक वरदान साबित होगी। बताया गया कि विद्यार्थी को स्नातक स्तर पर एक मुख्य विषय, एक गौण विषय, एक वैकल्पिक विषय, एक व्यावसायिक पाठ्यक्रम, अनिवार्य विषय के रूप में आधार पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप, परियोजना, शुक्षिुता का चयन करना होगा। इसी प्रकार स्नातक स्तर चतुर्थ वर्ष में अध्ययन के विषय के लिए तीन मुख्य प्रश्न पत्र, शोध प्रविधि, स्नातक शोध प्रबंध व इंटर्नशिप, परियोजना, शिक्षुता होंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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