डिंडौरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कारोपानी की गोशाला में भूख से लगभग बीस मवेशियों की मौत होने का कांग्रेसी विधायक ओमकार सिंह मरकाम द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस समर्थित जनपद अध्यक्ष ने ही सवाल उठाए हैं। बजाग जनपद अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने विधायक के आरोपों को निराधार बताते हुए यहां तक कहा कि बारिश के मौसम में गोशाला के आसपास ही इतनी घास है कि किसी मवेशी की भूख से मौत नहीं हो सकती है। कांग्रेसी विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस समर्थित जनपद अध्यक्ष द्वारा सवाल उठाने के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस मामले में भाजपाई भी आगे आ गए हैं। गौरतलब है कि 22 सितंबर की रात विधायक भूसी लेकर कारोपानी स्थित गोशाला पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि यहां भूसा न होने से लगभग 20 गाय सहित अन्य मवेशियों की भूख से मौत हो गई है।

भुगतान न होने पर भी उठे थे सवाल

कारोपानी में संचालित गोशाला में समूह को भुगतान न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। समूह की महिलाओं ने भी इस पर सवाल उठाए थे। जनपद अध्यक्ष ने बताया कि गोशाला के आसपास तक बड़ी संख्या में काले हिरण घास चरने ही आ जाते हैं। ऐसे में भूख से मौत होने का सवाल ही नहीं है। समूह की महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे मवेशियों को बाहर चारा चराएं। ग्रामीणों ने भी इस मामले की जांच कराने की मांग की है। बताया गया कि कुछ मवेशियों की बीमारी से भी मौत हो सकती है। इस पर आवश्यक पहल करने की आवश्यकता है।

सचिव को किया गया था निलंबित

जिले के बजाग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कारोपानी सचिव को जिला पंचायत सीईओ द्वारा पशुओं की देखभाल में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित भी किया गया है। जिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी आदेश में सचिव गोविंद परस्ते को निलंबित कर जनपद मुख्यालय बजाग अटैच किया गया है। गौरतलब है कि विधायक ओंमकार मरकाम ने आरोप लगाया था कि चारे की व्यवस्था न होने से कई मवेशी यहां दम तोड़ रहे हैं। गुरूवार को सचिव को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया था। सचिव पर पंचायत की विभिन्न योजनाओं में लापरवाही बरतने के भी आरोप हैं। बताया गया कि गांव में सार्वजनिक पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन जगह-जगह टूटी पड़ी हैं। लोग पानी के लिए परेशान हैं। सचिव लगातार अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित रहता है। इन सब लापरवाही के चलते यह कार्रवाई की गई है।

इनका कहना है

विधायक द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। बारिश का मौसम है, जहां गोशाला बनी है वहां आसपास घास ही घास है। सैकड़ों काले हिरण इसी क्षेत्र में विचरण करते हैं। पर्याप्त घास होने के चलते बारिश के मौसम में मवेशियों की मौत होने का सवाल ही नहीं है। समूह को पैसा जरुर मिलने की समस्या है। यदि कुछ मवेशियों की मौत हुई है तो वे अन्य बीमारियों से हो सकती है। पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर इसकी जांच करानी चाहिए।

रुदेश परस्ते

जनपद अध्यक्ष बजाग।

Posted By: Nai Dunia News Network

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