डिंडौरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लाड़ली उत्सव कार्यक्रम का आयोजन मिंटो हॉल भोपाल में गरूवार को दोपहर तीन बजे किया गया। जिला स्तर पर जनसंपर्क विभाग के लिंक के माध्यम से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष व एनआइसी में 80 लाड़लियों को बैठाकर मुख्यमंत्री का उद्बोधन दिखाया व सुनाया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा कहा गया कि लाड़ली बेटियों को केवल छात्रवृत्ति प्रदान करने व 12वीं के बाद एक लाख का चेक देना ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि लड़लियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना को नए स्वरूप लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 आत्मनिर्भर लाड़ली के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। इससे हमने बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण व विभिन्न व्यवसाय क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता उच्च शिक्षा व जीवन के अन्य क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है, जिससे वे अपने पैरों पर खडी हो सकें और सामाजिक व आर्थिक रूप से अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कर सकें।

हरसंभव मदद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा प्रदेश के मुखिया होने के नाते आग्रह है कि स्कूल में प्रवेश से लेकर लगातार आगे की कक्षाओं में अग्रसर होते हुए ऐसी लगन उत्साह और परिश्रम से 12वीं कक्षा व उसके बाद अपनी रुचि अनुसार लक्ष्य निर्धारित करते हुए उधा शिक्षा व व्यवसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करें, जिससे अन्य बालिकाओं को भी प्रेरणा मिल सके। लाड़ली लक्ष्मी योजना से जुडी बालिकाओं की कॉलेज की पढाई से लेकर स्वरोजगार अथवा नौकरी पाने तक हर संभव सहायता की जाएगी।

वेब लिंक भेजकर कार्यक्रम में कराया शामिल

सहायक संचालक महिला व बाल विकास विभाग श्याम सिंगौर ने बताया कि जिले की समस्त लाड़लियों, शौर्य दल सदस्यों, स्व सहायता समूह के सदस्यों, मातृ सहयोगिनी समिति के सदस्यों के साथ-साथ उन लाडलियों के माता-पिता को सुनाने का प्रयास किया गया जिन्होंने बेटी को स्वावलंबी बनाने का प्रण ले रखा है। जिले की समस्त 1913 आंगनवाडी केंद्रों की 3445 आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के मोबाइल में कार्यक्रम की वेब लिंक भेज कर आंगनवाडी स्तर की सभी लाड़लियों के मोबाइल, उनके माता-पिता के मोबाइल में वेब लिंक भेज कर कार्यक्रम में सम्मिलित कराने का प्रयास किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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