डिंडौरी, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले के विकासखंड मेहंदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरपोटी के पोषक ग्राम घुघरा टोला में किकरकुंड फॉल के रफ्तार इतनी तेज है कि लगभग दो किलोमीटर तक पानी गिरने की इसकी गूंज सुनाई देती है। इस झरने के नाम किकरकुंड पड़ने के बारे में भी किवदंती प्रचलित है। यहां के लोग बताते है कि दनदना नदी पर इस झरने का नाम यहां के कुंड में बड़े बड़े केंकड़े मिलने के चलते किकरकुंड पड़ा है।

किकरकुंड में दनदना नदी के पानी से बनने वाले झरने का सौंदर्य आम दिनों के मुकाबले बारिश के दिनों में काफी चरम पर नजर आता है। मंडला जिले से लगे मेहंदवानी विकासखंड में हरी भरी वादियों के बीच किकरकुंड में हर मौसम में गिरने वाला प्राकृतिक झरना है। क्षेत्र के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि किकरकुंड प्राचीन काल से ही प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ था।

झरना लगभग 60-70 फीट ऊंचा और लगभग 40 फीट चौड़ा है। इसका दूधिया पानी से उठने वाली धुंध पर्यटकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करता है। प्रकृति के बीच यह झरना दनदना नदी से बनता है। यहां का नजारा सौंदर्य से परिपूर्ण है। साथ ही झरने के पास प्राचीन शिव मंदिर भी है। झरने के आसपास रखे पिंडीनुमा पत्थरों को यहां के लोग केकड़ों के अंडे होना बताते है। यहां क्षेत्र के लोग मकर संक्रांति, आंवला नवमी सहित अन्य धार्मिक पर्वो पर पूजा अर्चना करने भी पहुंचते है। यहां मेला भी लगता है। पिकनिक मनाने के लिए भी यह स्थान लोगो की पसंद बनता जा रहा है।

किकरकुंड के आसपास प्राचीन मंदिर स्थित हैं। यहां शंकरकुंड किकरकुंड से प्रकट हुए शिव लिंग स्थापित है। ग्राम पंचायत चिरपोटी के ग्रामीण बताते हैं, यह शिवलिंग कब से यहां स्थापित है, इसका प्रमाण नहीं है। यहां काफी प्राचीन स्थल है। हम और दादा-परादादाओं ने भी इसके दर्शन किए हैं। यहां पर देवी दुर्गा, हनुमान जी आदि की भी प्राचीन प्रतिमाएं और अन्य देवी-देवताओं के निशान मौजूद हैं।

किकरकुंड झरने की प्राकृतिक सुंदरता देखने के बाद पूर्व में कमिश्नर और कलेक्टर द्वारा भी यहां पर्यटन स्थल बनाने की पहल की गई थी। इसके बाद भी आज तक विकास यहां नहीं हो सका है। इसके आसपास रैलिंग व अन्य सुरक्षा व्यवस्था न होने से यहां हादसे भी हो चुके हैं।

बारिश के मौसम में विकासखंड मुख्यालय मेहंदवानी से ग्राम कठौतिया बगली होकर 14 किमी का सफर तय कर यहां पहुंचा जा सकता है। आम दिनों में कठौतिया से तीन किमी, सरसी से चार किमी और मेहंदवानी से पांच किमी की दूरी तय कर किकरकुंड का सौंदर्य निहारने पहुंचा जा सकता है।

Posted By: Ravindra Suhane

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