शहपुरा (नईदुनिया न्यूज)।

जनपद पंचायत शहपुरा अतंर्गत सोसायटियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को घटिया चावल दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत पडरिया कला के लोगों ने सोसायटी से वितरित हो रहे चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया। मामला एसडीएम शहपुरा तक पहुंचने के बाद सप्लाई किए जा रहे चावल की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर सैंपल लिए गए हैं। आरोप लगाया गया कि मिलर्स और नान विभाग के जिम्मेदारों की साठगांठ से उचित मूल्य की दुकानों में गुणवत्ताहीन चावल भेजा जा रहा है। गौरतलब है कि कलेक्टर सोसायटियों में गुणवत्तायुक्त चावल सप्लाई को लेकर पूरी तरह से गंभीरता से निर्देश दे रहे हैं। उसके बाद भी कुछ जिम्मेदार मनमानी बरतने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

मवेशियों के भी खाने लायक नहीं चावल : ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी में लोगों को खाने के लिए ऐसा चावल दिया जा रहा है जो मवेशियों के खाने लायक भी नहीं है। नान विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते इसी चावल को ग्रामीणों को खाने के लिए बांटा जा रहा है। मई माह में तीन किलो चावल, दो किलो गेंहू, नमक व केरोसिन दिया जा रहा है। साथ ही फ्री राशन में भी मनमानी बरती जा रही है। कलेक्टर रत्नाकर झा के सख्ती के बाद भी विभागीय अमला मनमानी बरतने से पीछे नहीं हट रहा है।

शिकायत के बाद भी नहीं की जा रही पहल : ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत होने के बाद भी नान विभाग के अधिकारियों के विरूद्व कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने के चलते विभाग के जिम्मेदार मनमानी बरत रहे हैं। बताया गया कि शहपुरा जनपद क्षेत्र की सोसायटियों में क्षेत्र के ही दो मिलर्स चावल की सप्लाई करते हैं। कुछ चावल डिंडौरी के मिलर भी भेजते हैं। आरोप लगाया गया कि खानापूर्ति के लिए पहले चावल रिजेक्ट किया जाता है और फिर वही चावल शहपुरा और मेहंदवानी क्षेत्र में संचालित सोसायटियों के माध्यम से गरीबों को बांट दिया जाता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close