डिंडौरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह दो बार अलग अलग स्थानों पर सोमवार को कराया गया। जिला पंचायत परिसर में बडे स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम आयोजित कराने की मांग को लेकर कांग्रेसी विधायक सहित नवनिर्वाचित अध्यक्ष समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन में बैठ गए। इस दौरान रानी दुर्गावती स्मारक स्थल के पास धरना प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसियों ने आमंत्रण न मिलने का भी आरोप लगाया। सूचना पर तहसीलदार बिसन सिंह ठाकुर समझाइश देने पहुंचे।

पांच सदस्यों को कार्यालय में दिलाई शपथ : जिला पंचायत सभागार में भाजपा समर्थित चार जिला पंचायत सदस्यों के पहुंचने और अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित तीन अन्य सदस्यों के शपथ लेने न आने पर दोपहर लगभग एक बजे संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा द्वारा पूर्व अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे, सीएस भवेदी, प्रीतम मरावी, हेमलता राजपूत को शपथ दिलाई गई। भाजपा समर्थित बबलू परस्ते भी कुछ विलंब से कार्यालय पहुंचने पर उन्हें अलग से कार्यालय सभागार में ही रजनी वर्मा द्वारा शपथ दिलाई गई।

एसडीएम की समझाइश के बाद मानें कांग्रेसी : कांग्रेसियों के विरोध की सूचना मिलने पर तहसीलदार के साथ एसडीएम भी पहुंचे। कांग्रेसी कार्यालय के बाहर परिसर में शपथ ग्रहण कराने की मांग पर अड़े रहे। एसडीएम ने जब उनकी मांग मानी तो कार्यालय के बाहर परिसर में संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा द्वारा नवनिर्वाचित अध्यक्ष रुदेश परस्ते, उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार, जिला पंचायत सदस्य हीरा परस्ते, सकुश कुशराम और रेखा आर्मो को शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला, प्रदेश प्रतिनिधि रमेश राजपाल, विधायक डिंडौरी ओमकार मरकाम, विधायक शहपुरा भूपेंद्र मरावी सहित अन्य कांग्रेसी भी शामिल हुए।

धरना प्रदर्शन कर जताया विरोध : नवनिर्वाचित अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने आरोप लगाया कि प्रोटोकाल के तहत शपथ ग्रहण के लिए उन्हें लेने कोई अधिकारी नहीं आया। इसी तरह जिला पंचायत सदस्यों को आमंत्रण देने में भी मनमानी की गई। उन्होंने बताया कि उनकी मांग थी कि शपथ ग्रहण जिला पंचायत परिसर में आयोजित हो और सभी जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाए, लेकिन शपथ ग्रहण कराने के लिए संयुक्त कलेक्टर को जिम्मेदारी दी गई थी। उनके द्वारा मनमानी की गई है। आरोप प्रत्यारोप के बीच दोनों विधायक सहित नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्टी जिलाध्यक्ष समर्थकों के साथ धरने में बैठ गए। अधिकारियों का तर्क था कि अब तक हमेशा जिला पंचायत सभागार में ही शपथ ग्रहण होता आया है और उसी परंपरा का पालन किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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