माफ करना! अवैध वसूली का जरिया बन गए हैं नामांतरण के प्रकरण

- नपा में 2500 नामांतरण के प्रकरण लंबित होने और प्रक्रिया का पालन न करने पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी

- नपा सभाकक्ष में विभिन्न कार्यों की कर रहे थे समीक्षा

गुना। नवदुनिया प्रतिनिधि

दस-बीस साल से नामांतरण के प्रकरण लंबित हैं, जो कि सी कर्मचारी या अधिकारी के बस्ते में बंद हैं। नामांतरण का आदेश निकलता है, तब दायरा पंजी में दर्ज होता है। जबकि आवेदन आते ही दायरा पंजी में दर्ज होना चाहिए। नामांतरण के प्रकरण का निराकरण 90 दिन में होना चाहिए, लेकि न नपा में 2500 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें कुछ दस-बीस साल पुराने भी हैं। इससे संपत्ति का निर्धारण भी नहीं हुआ, जिससे नपा को राजस्व का भी भारी नुकसान हुआ है। नपा में 491 सफाईकर्मी हैं, लेकि न ज्यादातर दूसरी जगह काम कर रहे हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा रही है।

यह चौकाने वाली हकीकत बुधवार को कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार के सामने तब आई, जब उन्होंने नपा सभाकक्ष में समीक्षा की। इससे नाराज कलेक्टर ने कहा- माफ करना! नामांतरण प्रकरणों को अवैध वसूली का जरिया बना लिया गया है, लेकि न अब यह नहीं चलेगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों से पूछ लिया कि आखिर चल क्या रहा है! उन्होंने नपाधिकार व बाबू से पूछा कि क्या कारण है कि 1988-90 के नामांतरण प्रकरण लंबित हैं। इस तरह नपा में ढाई हजार नामांतरण के प्रकरण लंबित बने हुए हैं। जब इस संबंध में लाक्षाकार ने कारण जानना चाहा, तो सामने आया कि कई फाइलें अध्यक्ष के कक्ष व नपा अधिकारी-कर्मचारियों के बस्तों में बंधे हुए हैं। कलेक्टर ने नामांतरण की प्रक्रिया जानी, तो भी आश्चर्यजनक बात सामने आई। क्योंकि , आवेदन आने के बाद उसे दायरा पंजी में दर्ज ही नहीं कि या जा रहा है। जो नामांतरण आदेश निकलने पर दर्ज कि या जा रहा है। इस पर लाक्षाकार ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए कहा कि नामांतरण की समय सीमा 90 दिन होती है। इस अवधि में प्रकरण का निराकरण हो जाना चाहिए। यदि कोई आपत्ति है, तो उस पर टीप लगाकर पेंडेंसी खत्म की जाए। ताकि संबंधित व्यक्ति अपील में जा सके । साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि अब कोई भी नामांतरण का प्रकरण ऑफलाइन नहीं होगा, जो ई-नगरपालिका पोर्टल पर ऑनलाइन ही होगा। बैठक में सीएमओ संजय श्रीवास्तव के अलावा प्रभारी अध्यक्ष प्रमोद राजू यादव और पार्षद भी मौजूद रहे।

बॉक्स..

अध्यक्ष का नामांतरण में रोल ही नहीं

समीक्षा के दौरान प्रभारी नपाध्यक्ष प्रमोद राजू यादव व अन्य पार्षदों ने मुद्दा उठाया कि नामांतरण की ज्यादातर फाइलें अध्यक्ष और कर्मचारियों के चेंबर में बंद हैं। इससे लोग नामांतरण के लिए चक्कर काट रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि नपा एक्ट में साफ लिखा है कि नामांतरण के प्रकरणों में अध्यक्ष का कोई रोल ही नहीं होता है। जो सिर्फ नपाधिकारी के पास रहता है। यदि कि सी व्यक्ति को आपत्ति है, तो परिषद संशोधन कर सकती है न कि अध्यक्ष।

बॉक्स..

दूसरी जगह काम कर रहे सफाईकर्मी वापस बुलाए

शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सामने आया कि नगरपालिका में 491 सफाई कर्मचारी हैं। लेकि न ज्यादातर दूसरी जगहों पर काम पर लगा रखे हैं। इससे वार्डों में सफाईकर्मियों की कमी बनी हुई है। इससे वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। इस पर कलेक्टर ने नपाधिकारी को निर्देश दिए कि दो दिन में बाहर काम में लगे सफाई कर्मियों को वापस बुलाकर वार्डों में भेजा जाए। साथ ही देखा जाए कि जो कर्मचारी काम नहीं कर रहा है, उसके खिलाफ सख्त कार्‌रवाई की जाए। कलेक्टर ने प्रभारी अध्यक्ष से भी शहर की सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग करने कहा।

बॉक्स..

यह भी लिए निर्णय

- शहर में पार्किंग की समस्या को दूर करने अब नपा पेड पार्किंग शुरु करेगी। इसके लिए पुराना आरटीओ कार्यालय, बापू मार्केट और पशु चिकि त्सालय परिसर को चिन्हित कि या गया है।

- निचला बाजार में लगने वाली थोक सब्जी मंडी को भी तीन दिन में शिफ्ट कि या जाएगा। जो नानाखेड़ी स्थित चिन्हित जगह पर भेजी जाना है। इससे बाजार में अक्सर बनने वाले जाम के हालातों से मुक्ति मिलेगी।

फोटो-

0708जीएन-11, गुना। नपा सभाकक्ष में विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags