अस्पताल में अव्यवस्थाएं, इसलिए इस बार भी कायाकल्प में शामिल नहीं हो पाया गुना

- प्रबंधन ने दिए थे खुद को 75 प्रतिशत अंक, टीम घटाकर दे गई 69 प्रतिशत, जबकि आवश्यकता थी 70 प्रतिशत नंबर की

- अब तक एक भी बार शामिल नहीं हो पाया है गुना का जिला अस्पताल, सिविल सर्जन बोले- आगे से करेंगे सुधार

गुना। नवदुनिया प्रतिनिधि

सरकारी अस्पतालों में सुधार के लिए हर साल राज्य स्तर से होने वाली कायाकल्प योजना में इस बार भी गुना का जिला अस्पताल छूट गया। यहां की अव्यवस्थाओं के कारण योजना में शामिल होने के लिए अस्पताल के नंबर ही पूरे नहीं हो पाए। प्रबंधन ने खुद को स्व मूल्यांकन में 75 प्रतिशत नंबर दिए थे। पड़ोसी जिले की टीम निरीक्षण के लिए आई, तो घटाकर 69 प्रतिशत अंक दे गई। जबकि कायाकल्प योजना में शामिल होने के लिए 70 प्रतिशत या इससे अधिक नंबर होना जरूरी है। ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन हर साल की तरह फिर से वही पुरानी बात दोहराते हुए आगे से व्यवस्थाओं में सुधार करने की बात कह रहा है।

कायाकल्प योजना को राज्य सरकार ने शुरू किया है। इसमें प्रदेश के सभी जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों को शामिल किया जाता है। इसके तहत सात बिंदुओं के आधार पर 700 नंबर दिए जाते हैं। तीन बार अस्पताल का निरीक्षण होता है। पहले खुद ही जिला स्तर पर सीएमएचओ और सिविल सर्जन निरीक्षण कर नंबर देते हैं, इसके बाद पड़ोसी जिले की टीम निरीक्षण के लिए आती है। आखिरी में फाइनल निरीक्षण करने राज्य स्तर से टीम भेजी जाती है। इसके बाद मिलने वाले नंबर के आधार पर प्रदेश में विजेता अस्पताल घोषित होते हैं। विजेता अस्पताल को राज्य सरकार की ओर से पुरुस्कार स्वरूप 50 लाख रुपए मिलते हैं, जिन्हें कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए खर्च किया जा सकता है।

इस वजह से कट गए नंबर

कायाकल्प के लिए किए जाने वाले निरीक्षण में सात बिंदु के आधार पर नंबर दिए जाते हैं, जिसमें कि बिल्डिंग, खिड़की, दरवाजे, बाउंड्रीवाल आदि अच्छे होना चाहिए। इंफेक्शन कंट्रोल के तहत स्टाफ को इंफेक्शन के बारे में जानकारी होना आवश्यक है, इनको हैंड वॉश करना आना चाहिए। अलग-अलग रंग के डस्टबिन होना आवश्यक है, स्टाफ मास्क का उपयोग कर रहा है या नहीं, यह देखा जाता है। आउटसोर्श सर्विस के तहत किचिन स्टाफ व सिक्योरिटी स्टाफ विधिवत ड्रेस में है या नहीं। इसके अलावा अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर अतिक्रमण न हो, स्ट्रीट लाइट लगी हों व प्याऊ आदि समेत सभी व्यवस्थाएं हों। इसके अलावा अन्य बिंदु भी शामिल हैं।

कायाकल्प में एक भी बार शामिल नहीं हो पाया गुना

कायाकल्प योजना में गुना का जिला अस्पताल प्रथम स्थान पर आना तो दूर अब तक एक भी शामिल नहीं हो पाया है। पिछले साल सिर्फ 49 प्रतिशत नंबर ही आए थे। इस बार 69 प्रतिशत नंबर मिले हैं, जबकि 70 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां किस तरह की अव्यवस्थाएं हैं।

- कायाकल्प में हमें 69 प्रतिशत अंक मिले हैं, जबकि 70 प्रतिशत होना जरूरी है। ऐसे में अब जिन व्यवस्थाओं की कमी रह गई है, उनमें सुधार कर आगे फिर से इसमें शामिल होने के लिए आवेदन करेंगे।

डॉ. एसके श्रीवास्तव, सिविल सर्जन जिला अस्पताल गुना

फोटो

0412जीएन20, गुना। जिला अस्पताल की गंदी दीवारें।

0412जीएन21, गुना। जिला अस्पताल, जो नहीं हो पाया कायाकल्प में शामिल।

Posted By: Nai Dunia News Network

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