भाई की हत्या करने वाले को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

गुना। नवदुनिया प्रतिनिधि

सगे भाई को पत्थर और रेल की पटरी पर फेंककर हत्या करने वाले आरोपी रम्मन उर्फ बलराम यादव को षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव ने हत्या के मामले में दोषी माना है। कोर्ट ने इसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, 7 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अपर लोक अभियोजक शफीक खान ने बताया कि केंट थाना अंतर्गत 27 नवंबर 2017 को रेलवे विभाग गुना के गेंगमेन ने थाना केंट में इस आश्य की सूचना दी कि वह और गेंगमेन हनुमान प्रसाद पाण्डे रात्रि 11 बजे पेट्रोलिंग कर रहे थे, तभी उन्हें अज्ञात शव पटरी के बीच कटा पड़ा मिला। पुलिस ने मर्ग कर जांच की, तो इसकी शिनाख्त बृजभानसिंह यादव के रूप में हुई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतक बृजभान को उसी रात अण्डे के ठेले के पास अपने भाई आरोपी रम्मन से झगड़ते गया था। बाद में रम्मन अकेला आ रहा था, वो काफी घबराया हुआ था। आरोपी रम्मन के कपड़ों और घड़ी पर रक्त पाया गया था। आरोपी का मैमोरेंडम जब्ताी एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई और सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। अभियोग पक्ष की ओर से पेश की गई साक्ष्य का सूक्ष्म विश्लेषण मूल्यांकन एवं परीक्षण करते हुए न्यायालय ने यह पाया कि मृतक बृजभान के साथ पहले मारपीट की गई उसके, सिर पर पत्थर पटका गया। ऐसी गम्भीर चोट कारित करने के बाद स्वाभाविक रूप से मृतक बृजभान होश में नहीं रहा होगा, उसे मरा हुआ समझकर उसका शव घसीटकर पटरियों के बीच डाल दिया गया तथा रेल गुजरने के उपरांत बृजभान की मृत्यु हो गई। इस प्रकार यह प्रमाणित है कि आरोपी रम्मन द्वारा अपने भाई बृजभान की हत्या कारित की गई है, अपराध प्रमाणित पाया जाने से न्यायालय ने आरोपी रम्मन उर्फबलराम यादव निवासी खेजरा थाना राघौगढ़ को भादंवि की धारा 302 के अन्तर्गत आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपए अर्थदण्ड तथा धारा 201 भादंवि के अन्तर्गत 3 वर्ष का कारावास और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

Posted By: Nai Dunia News Network