गुना। नवदुनिया प्रतिनिधि

बीआरसी कार्यालय के एक कमरे में पिछले छह महीने से प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलने वाला सूखा राशन ताले में बंद है। कोरोना काल में स्कूल बंद होने की वजह से मध्यान्ह भोजन का वितरण बंद कर दिया था, लेकिन छात्रों को तीन-तीन महीने का सूखा राशन वितरित होना था। मगर गुना बीआरसी ने स्कूली बच्चों को सूखा राशन वितरित न करते हुए उसे अपने कार्यालय के एक कमरे में ताले में बंद कर दिया है। हालांकि, जब यह मामला कलेक्टर के पास पहुंचा, तो उन्होंने इस संबंध में जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। गुना बीआरसी शंभूसिंह सोलंकी विवादों के घेरे में हैं। गुरुवार को सीएसी चंद्रमोलेश्वर श्रीवास्तव ने बीईओ के दफ्तर के भीतर जहर पी लिया था, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। सीएसी ने बीआरसी पर गंभीर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं अब बीआरसी कार्यालय के एक कमरे में स्कूली बच्चों का सूखा राशन मिलने से सवालिया निशान लग रहे हैं। छह महीने से एक कमरे में ताला बंद कर रिफाइंड तेल और दाल कार्टून में रखी है। हालांकि, इस मामले की जांच अब एसडीएम अंकिता जैन कर रही हैं।

पांचवी तक के बच्चों को मिलना थी दो किलो दाल और आधा लीटर तेल

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक स्कूल तक के बच्चों को 2 किलो दाल और आधा लीटर रिफाइंड तेल वितरित करना था, तो मिडिल स्कूल के बच्चों को तीन महीना का सूखा राशन जिसमें तीन किलो दाल और 750 ग्राम रिफाइंड तेल देना था, लेकिन यह सूखा राशन बच्चों के पेट तक तो नहीं पहुंचा, मगर उसमें कीड़े पड़ चुके हैं।

कोरोना काल में जो सूखा राशन प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों को बंटना था, अगर वह ताले में बंद है, तो इस संबंध में बीआरसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

- फ्रेंक नोबल ए., कलेक्टर गुना

Posted By: Nai Dunia News Network

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