गुना। नवदुनिया प्रतिनिधि

बमोरी के धनोरिया गांव में बुधवार की दोपहर तीन बजे सामाजिक कार्यकर्ताओं, एकता परिषद और वकीलों का दल पीड़ित सहरिया के घर पहुंचा। इस दौरान सामने आया कि दबंग आरोपितों के रिश्तेदार पुलिस थाना बमोरी में पदस्थ है, जो कि मामले में राजीनामा करने को लेकर दवाब बना रहे हैं। साथ ही पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान भी खड़े किए है। उधर जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार के लिए चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जिसको फेक्ट फाइडिंग टीम ने मजाक बताया है। कि एक करोड़ से कम की राशि परिवार स्वीकार नहीं करेगा। वहीं मप्र के राज्यपाल को टीम आठ जुलाई को भोपाल में रिपोर्ट सौपेंगी। साथ ही इस मामले में दबंगों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करेगी। धनोरिया गांव में खेत पर तीन दबंगों और उनके परिवार की दो महिलाओं ने रामप्यारी सहरिया के ऊपर डीजल डालकर आग के हवाले करने के बाद वीडियो बनाया। इस घटना के बाद गंभीर अवस्था में रामप्यारी सहरिया भोपाल अस्पताल में भर्ती है। एकता परिषद , गुना सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ तीन वरिष्ठ वकील पीड़िता के घर पहुंचे। वरिष्ठ वकील डा. पुष्पराग, मोहर सिंह और सीमा राय के अलावा राकेश मिश्रा, नरेंद्र भदौरिया, लोकेश शर्मा, सूरज सहरिया, राजाराम सहरिया और भारत सहरिया ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से बात की। जिसमें कई चौंकने वाले तथ्य के साथ गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है।

राज्यपाल ने मांगा समय, आठ जुलाई को 30 सदस्यी दल जाएगा भोपाल

डा. पुष्पराग ने बताया कि धनोरिया गांव में पीड़ित परिवार से जब मिला तो उसके बाद एक रिपोर्ट बनाई गई है। जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। राज्यपाल से समय मांगा गया है। गुना से 30 सदस्यीय दल भोपाल जाकर राज्यपाल से मिलेगा। आठ जुलाई को टीम राज्यपाल से मिलेगी। उन्होंने बताया कि परिवार की इतनी खराब हालत है कि भोपाल में भी रोटी खाने को रुपये नहीं है। गांव के सहरियों से परिवार ने पांच हजार रुपये एकत्रित किए। वहां पर रहे चार लोगों को यह रुपये भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं को देने पहुंचे।

पुलिस बना रही हैं दवाब,प्रशासन ने उड़ाया सहरिया परिवार का मजाक

वरिष्ठ वकील डा.पुष्पराग ने बताया कि दबंग आरोपित जिनकों पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उनके रिश्तेदार बमोरी थाने में पदस्थ है। वह फरियादी के ऊपर दवाब बना रहे हैं कि राजीनामा कर लें। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने जो चार लाख रुपये की राशि सहरिया परिवार के लिए स्वीकृत की हैं, वह सहरिया परिवार का मजाक बनाया है। एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, तभी परिवार मदद लेगा। वहीं बमोरी में आदिवासी और सहरिया की जमीनों पर दबंगों का कब्जा है। जो कि प्रशासन को वापस दिलाना होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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