आकाश सोनी, राघौगढ़। नगरपालिका परिषद में 24 वार्ड हैं, लेकिन 10 वार्डों में आने-जाने के लिए टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। क्योंकि, इन वार्डों से आवाजाही के लिए टोल नाका से गुजरना होता है। एक तरफ से जाने पर 75 रुपये और लौटते में 35 रुपये शुल्क देना पड़ता है। इस तरह एक बार का आना-जाना 110 रुपये में होता है। खास बात यह भी फास्टैग नहीं है, तो एक साइड से 150 रुपये यानी आना-जाना 300 रुपये का पड़ता है। लेकिन एनएचएआइ की गाइडलाइन कहती है कि टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में घर है, तो उसका 315 रुपये में मासिक पास बनता है, जिसमें दिन में कितनी भी बार आना-जाना किया जा सकता है, लेकिन ज्यादातर लोग इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। नगरपालिका परिषद राघौगढ़-विजयपुर के 24 वार्ड हैं, जिनका भौगोलिक दायरा करीब 15 किमी दूर रुठियाई तक फैला है। लेकिन नेशनल हाइवे-46 (ग्वालियर-बैतूल) पर पगारा गांव स्थित टोल प्लाजा बनाया गया है, तब से 10 वार्डों में जाने के लिए चारपहिया वाहन मालिकों को टोल टैक्स चुकाना पड़ रहा है। खास बात यह कि जिस नगरपालिका के दायरे में वार्ड आ रहे हैं, उन्हीं के रहवासियों को नपा क्षेत्र में आने-जाने का शुल्क चुकाने की व्यवस्था से नागरिकों में भी नाराजगी देखने मिलती है। यही वजह है कि करीब चार साल पहले (जुलाई 2018 में) विधायक जयवर्द्धन सिंह ने क्षेत्रवासियों की अगुवाई में एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जाने पर लगने वाले टोल टैक्स को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद तत्कालीन टोल टैक्स मैनेजर द्वारा एनएचएआइ को पत्र लिखा था। इसमें मैनेजर ने जनता की ओर से कहा था कि नपा वार्डों के सभी चारपहिया वाहनों को मुफ्त करने नपा परिषद सूची तैयार कराए।

टोल टैक्स के बोझ को आंकड़ों में जानें

नगरपालिका परिषद राघौगढ़ व रुठियाई के बीच पगारा टोल टैक्स पर क्षेत्रवासियों को टैक्स का बोझ झेलना पड़ रहा है। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि अगर किसी वाहन चालक पर फास्टैग नहीं है, तो उसे रुठियाई से राघौगढ़ जाने के बदले 150 रुपये एक तरफ से टोल चुकाना होगा। इस तरह आना-जाना 300 रुपये में हो सकेगा। वहीं दूसरी ओर वाहन चालक पर फास्टैग है, तो एक तरफ से 75 रुपये व वापसी में 35 रुपये का भुगतान टोल टैक्स के रूप में करना होता है। इस तरह एक बार का आना-जाना 110 रुपये में होगा। अगर मान लिया जाए कि कोई अप-डाउनर या व्यावसाय को लेकर महीने में 20 दिन राघौगढ से गुना आना-जाना करता है, तो उसे फास्टैग से 2200 रुपये और बिना फास्टैग से 6000 रुपये टोल टैक्स के रूप में चुकाना पड़ रहा है।

सिंधिया से मिले क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता

राघौगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता अनिमेष भार्गव ने भी हाल ही में केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दिल्ली में उनके मंत्रालय में जाकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भी एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जाने पर टोल प्लाजा पर नपा क्षेत्र के लोगों का टोल टैक्स लगने की समस्या बताई। भार्गव ने बताया कि इस पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मुद्दे पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा करेंगे।

(पगारा टोल प्लाजा मैनेजर भूपेंद्र तिवारी से सीधी बात)

सवालः नेशनल हाइवे स्थित टोल पर 20 किमी के दायरे में किसी का घर है, तो क्या उसे भी टैक्स चुकाना होगा।

जवाबः मंथली पास दे रखा है 315 रुपये का। अनलिमिटेड होता हैं दिन में कितनी भी आना जाना करें।

सवालः लेकिन ज्यादातर लोगों को इस सुविधा की जानकारी नहीं है। जागरूकता के लिए हाइवे प्रशासन ने क्या कदम उठाए।

जवाबः रेट लिस्ट जारी होती है, उस समय पास आदि की जानकारी भी प्रकाशित होती है। इसके अलावा बूथ प्लाजा पर भी जानकारी चस्पा है।

सवालः मासिक पास बनवाने की क्या प्रक्रिया होती है और कौनसे दस्तावेज जरूरी होते हैं।

जवाबः सबसे पहले तो गाड़ी की आरसी होना चाहिए। पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आइडी कार्ड, लायसेंस आदि होना चाहिए। जब भी फास्टैग लेते हैं, तो उसी में पास जुड़ जाता है। हर महीने रीचार्ज कराना होता है। अब तो सुविधा आनलाइन है, तो मोबाइल से भी चार्ज कर सकते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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