Guna SDM Shivani Garg ध्रुव झा, गुना। गुना में पदस्थ युवा उप जिलाधिकारी (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट) शिवानी गर्ग के नाम से माफिया को ठंड में भी पसीने छूट रहे हैं। मिलावटखोरों के खिलाफ शिवानी ने 'शुद्ध के लिए युद्ध' और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ 'एंटी माफिया' अभियान छेड़ा हुआ है। गुना की जनता बेहद खुश है और लोकप्रिय हो चली इस महिला अधिकारी को 'मर्दानी' और 'भवानी' जैसे अलंकरण दे रही है। वजह है कि शिवानी ने अपनी दबंग कार्यशैली से माफिया जगत में खलबली मचा दी है। एक ओर वह सरकारी जमीन को दबंगों के कब्जे से मुक्त करा रही हैं, तो आम अतिक्रमण के खिलाफ भी डटकर खड़ी हैं। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाकर सुधारसंवार रही हैं।

वहीं, मिलावटखोरों पर नकेल कसने को चलाए गए उनके अभियान से भी जनता ने राहत की सांस ली है। माफिया से मुकाबले और भय के सवाल पर शिवानी कहती हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन, लक्ष्य की पूर्ति का दायित्वबोध और जनसेवा का भाव प्रेरणा का काम करते हैं। नियमानुसार कार्रवाई और इसके अनुरूप आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करने से प्रशासनिक अमला सक्रिय हो जाता है। ऐसे में हर मुकाबला लड़ा जा सकता है, भय का सवाल ही नहीं उठता। सागर जिले में पली-बढ़ीं शिवानी मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता राजेश रायकवार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अकाउंटेंट हैं और मां कमला रायकवार स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर।

पति अंशुल गर्ग जेल उप-अधीक्षक हैं। वे बताती हैं, परिवार में शैक्षिक माहौल का लाभ बचपन से मिला इसलिए पढ़ाई में अव्वल रही। स्नातक करने के बाद मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की परीक्षा की तैयारी की और 2015 में परीक्षा दी। बिना कोचिंग लिए घर पर ही तैयारी की और पहले ही प्रयास में उप जिलाधिकारी के रूप में चयन हो गया। इसके बाद पहली पोस्टिंग गुना में हुई। बतौर एसडीएम गुना, शिवानी ने पद की गरिमा के अनुरूप काम शुरू कर दिया। कहती हैं, शासन और वरिष्ठ अधिकारियों के जो भी निर्देश मिले, उन्हें लक्ष्य बनाकर पूरा किया। स्वच्छता रैंकिंग में श्ाहर को टॉप10 सूची में शामिल कराना प्राथमिकता है। शिवानी ने शहर के बड़े मिलावटखोरों पर कठोर कार्रवाई की। एक डेयरी संचालक पर रासुका का मामला दर्ज कराया। एंटी माफिया मुहिम को भी पूरी ताकत से अंजाम दे रही हैं।

निकाल रहीं दबंगों की दबंगई...

गुना के मावन क्षेत्र में एक दंबग 30 साल से 50 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा किए हुए था, जिसकी अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपए है। दबंग के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम देने के लिए शिवानी ने खुद टीम की अगुवाई की, गर्मागर्मी के बीच ट्रैक्टर-जेसीबी भी चलाना पड़ा, चलाकर यह जमीन मुक्तकराई। इससे पूरी टीम को हौसला मिला और दबंगों में खौफ कायम हुआ। इसी तरह 35 साल से 60 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा किए हुए दबंग से उन्होंने सरकारी जमीन वापस ली। टीम लेकर पहुंचीं और खुद जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया।

Posted By: Prashant Pandey

fantasy cricket
fantasy cricket