फ्लैग- केंद्र व राज्य के बांध सुरक्षा विभाग से गठित विशेषज्ञों का पैनल सागर राजघाट पहुंचा, स्पिल-वे चैनल के कटाव को रोकने सुझाव दिए, रिपोर्ट तैयार कराई।

दिल्ली-भोपाल से राजघाट पहुंचे आला अधिकारी, चट्टानों का कटाव रोकने प्लान तैयार

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सीडब्ल्यूसी की टीम ने देखा कैसे रुकेगा राजघाट का कटाव, कितना खर्च होगा, प्रजेंटेशन लिया

- सीडब्ल्यूसी व बोधी की टीम ने तीन दिन तक राजघाट की सुरक्षा पर मंथन करती रही।

- जल संसाधन विभाग के ईई, एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों ने दिया प्रजेंटेशन।

चैतन्य सोनी, सागर। नवदुनिया

राजघाट बांध के ओवरफ्लो सेक्शन में चट्टानों का कटाव रोकने बनाया गया एप्रिन कारगर है, यदि इसके आगे से वाटरफॉल तक बीच में चट्टानों का कटाव रोकने मिट्टी का टीला हटा दिया जाए तो पानी का प्रेशर रिलीज होगा इससे कटाव तेजी से रुकेगा। यह कुछ सुझाव हैं जो राजघाट के कटाव को रोकने के लिए सीडब्ल्यू दिल्ली एवं बोधी मप्र की ओर से दिए गए हैं।

सेंट्रल वॉटर कमीशन दिल्ली और डैम सेफ्टी डिपार्टमेंट (बोधी) मप्र के आला अधिकारी राजघाट बांध की सुरक्षा को लेकर पिछले तीन दिन से सागर में डेरा जमाए हुए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ टीम ने राजघाट बांध का निरीक्षण कर ओवरफ्लो सेक्शन में पानी के प्रेशर से कटने वाली चट्टानों के कटाव का मुआयना किया है। दिल्ली और भोपाल के अधिकारियों ने बांध के इस हिस्से में होने वाले कटाव को रोकने के लिए पूरा प्लान तैयार कराया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार-बुधवार को सीडब्ल्यूसी व बोधी के अधिकारियों के सामने पॉवर प्रजेंटेशन दिया है। यह काम बांध की हाईट बढ़ाने से अलग होगा।

सेंट्रल वॉटर कमीशन दिल्ली और बांध सुरक्षा विभाग के अधिकारी दो दिन पहले सागर पहुंचे थे। सागर के राजघाट बांध को लेकर पूर्व में विभाग द्वारा निरीक्षण और सौंपी गई रिपोर्ट के बाद सागर से लेकर दिल्ली तक चिंता जताई गई थी। इस कारण टीम सागर आई है। अधिकारियों ने सागर में रुककर राजघाट बांध का सुबह-सुबह निरीक्षण किया। यहां मौके पर चट्टानों के कटाव के बीच पहुंचकर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। बांध बनने के बाद पहले ओवरफ्लो से लेकर अब तक बांध की चट्टानों में किस स्तर तक का कटाव हुआ है। कितनी तेजी से यह कटाव हो रहा है। यदि इसी तेजी से कटाव होता रहा तो भविष्य में बांध व ओवरफ्लो सेक्शन को कितना नुकसान हो सकता है। यह कितना खतरनाक हो सकता है। जैसे विषयों पर लंबा-चौड़ा मंथन किया गया है। अधिकारियों ने इसके लिए जल संसाधन विभाग व नगर निगम से प्रपोजल बनवाने के निर्देश दिए हैं। टीम ने यहां दोनों तरफ से ओवरफ्लो सेक्शन में आगे जाकर नदी लेवल तक निरीक्षण किया है। इसके अलावा पम्प हाउस का निरीक्षण भी किया है।

एस्टीमेट व प्रपोजल का प्रजेंटेशन

दिल्ली और भोपाल की टीम में शामिल अधिकारियों ने राजघाट में भौतिक निरीक्षण करने के बाद बहेरिया स्थित होटल में जल संसाधन विभाग सागर के सीई, कार्यपालन यंत्री, एसडीओ सहित अन्य संबंधित तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक एस्टीमेट व प्रपोजल पर तैयारी कराई है। इसमें कितनी लंबाई-चौड़ाई में चट्टानों का कटाव रोकने के लिए उपाय किए जाने हैं। कितना खर्चा आएगा, शासन स्तर तक कैसे प्रपोजल व डीपीआर बनाकर भेजी जाएगी इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग सागर के कार्यपालन यंत्री पीएन तिवारी और एसडीओ अनिरुद्ध आनंद ने अधिकारियों के सामने पॉवर प्रजेंटेशन दिया है।

यह अधिकारी आए थे

- शैलेष कुमार श्रीवास्तव, चेयरमैन।

- प्रफुल्ल कुमार स्वामी, सदस्य, कंस्ट्रक्शन।

- ईश्वर एस चौधरी, सदस्य, हाईड्रोलॉजी।

- रनजीत चंद्र चक्रवर्थी।

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सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों ने यह सुझाव दिए हैं

- राजघाट बांध के ओवरफ्लो सेक्शन में चट्टानों का कटाव रोकने बनाया गया एप्रिन कारगर।

- एप्रिन के आगे से वाटरफॉल तक बीच में चट्टानों का कटाव रोकने मिट्टी का टीला हटाया जाए।

- वाटरफॉल के आगे टीला हटाने से पानी का प्रेशर रिलीज होगा इससे तेजी से कटाव रुकेगा।

- कटाव रोकने चेक वॉल बनाने का दिया गया प्रमुख सुझाव।

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हाईट बढ़ाने-गेट लगाने से अलग मामला है

राजघाट बांध में जलभराव क्षमता बढ़ाने के लिए दो मीटर हाइट बढ़ाने, 19 हाईड्रोलिक गेट लगाने के लिए मुख्यमंत्री और चीफ सेक्रेटरी राशि देने की घोषणा कर चुके हैं। इसमें जल संसाधन विभाग से करीब 200 करोड़ व सेकंड डीपीआर करीब 150 करोड़ की शासन को भेजी जा चुकी है। तीन दिन से सीडब्ल्यूसी की टीम ने इस काम से इतर अलग से बांध सुरक्षा के उपाय करने व चट्टानों का कटाव रोकने के लिए निरीक्षण किया है।

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सीडब्ल्यूसी के विशेषज्ञ पैनल ने निरीक्षण किया है

सीडब्ल्यूसी व बोधी से विशेषज्ञों का पैनल सरकार के निर्देश पर सागर आया था। टीम ने तीन दिन तक सागर में रुककर राजघाट बांध में ओवरफ्लो सेक्शन, स्पिल-वे चैनल में चट्टानों के कटाव का बारीकी से निरीक्षण किया है। इस मामले में पूरा प्रजेंटेशन देखा गया है। रिपोर्ट तैयार की गई है। विशेषज्ञों ने कटाव रोकने के लिए प्राथमिक रूप से सुझाव भी दिए हैं।

- पीएन तिवारी, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सागर

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फोटो- 0412 एसए- 6 सागर। सीडब्ल्यूसी व बोधी से आए विशेषज्ञों के पैनल राजघाट बांध में चट्टानों के कटाव का निरीक्षण करते हुए।

Posted By: Nai Dunia News Network