गुना। नईदुनिया प्रतिनिधि। Madhya Pradesh News गुना कोतवाली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दो युवक सेना के फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर बेरोजगारों से ठगी करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनकी करतूतों को उजागर किया है। इनमें एक युवक स्वयं को सेना का अफसर बताता था। अब जांच की जा रही है कि इन दोनों ने अब तक कितने की ठगी की है।

गुना के एसपी राहुल कुमार के मुताबिक 20 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के मानस भवन के पास स्थित कंप्यूटर की दुकान पर सेना के फर्जी नियुक्ति पत्र बनाए जा रहे हैं। इस पर कोतवाली थाना प्रभारी अवनीत शर्मा को टीम के साथ जांच के लिए भेजा।

वहां दो युवक मौजूद थे, उन्होंने अपना नाम आशीष अरोरा (28) पुत्र सुजान सिंह अरोरा, निवासी विंध्याचल कॉलोनी, गुना एवं ओमप्रकाश गुप्ता (41) पुत्र रामदास गुप्ता निवासी दाल बाजार लश्कर ग्वालियर बताया। दुकान में भारतीय सेना के प्रतीक वाले भरे हुए आवेदन पत्र, तीन फर्जी नियुक्ति पत्र सहित अन्य दस्तावेज मिले।

30 से 50 हजार रु. लेते थे

पूछताछ में आशीष ने स्वीकारा कि वे युवाओं को सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। ओमप्रकाश खुद को सेना का अफसर बताता था। उसके पास फर्जी पहचान पत्र भी मिला। जिस पर कोई पदनाम नहीं था। ओमप्रकाश नौकरी के इच्छुक युवाओं से 30 से 50 हजार रुपए लेता था। यह राशि आशीष के बैंक खाते में जमा कराता था। बदले में उसे कमीशन देता था।

कई राज्यों के युवाओं से कर चुके धोखाधड़ी

दोनों मिलकर अब तक मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा में कई युवाओं से ठगी कर चुके। एसपी ने बताया कि ओमप्रकाश ने अप्रैल 2019 में एक युवक से अप्राकृतिक कृत्य भी किया था। यह मामला कोतवाली में पहले से दर्ज है। इस मामले में उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन वह अब हाथ आया।

Posted By: Hemant Upadhyay

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