
नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना। प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को शर्मसार करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। गुना जिले में नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के अपहरण की सूचना पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। स्वजन जब सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लेकर पहुंचे उन्हें दुत्कार दिया गया। पीड़िता की हालत खराब है, जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित बच्ची के पिता ने 23 नवंबर की सुबह पांच बजे बमोरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी घर से गायब है।
माधौपुर निवासी अजय राजपूत (शिकारी) पर अपहरण की आशंका भी जताई थी। पुलिस को बताया कि उसका फोन बेटी के पास आता था। इसके बावजूद पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई। अगले दिन देर रात उनकी बच्ची सड़क पर बेसुध मिली। पिता ने दोबारा संपर्क किया तो पुलिसकर्मियों ने मुंह बंद रखने की धमकी दी। स्वजनों का आरोप है कि मंगलवार को जब वे एसपी कार्यालय जाने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया।
पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने जनसुनवाई के दौरान उनकी फरियाद सुनी और एएसपी मानसिंह ठाकुर को कार्रवाई के निर्देश दिए। एएसपी ठाकुर और एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने स्वजनों को पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए समझाया। उन्हें आश्वासन दिया कि थाना प्रभारी वहीं पर पीड़िता के बयान दर्ज करेंगे। फिलहाल, बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।