ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का एक लाख 20 हजार कनेक्शनों पर 581 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। इन बकायेदारों पर हर महीने सात करोड़ रुपये का ब्याज लग रहा है। सबसे ज्यादा बकाया घरेलू कनेक्शनों पर है। कंपनी के अभियान व सख्ती के बाद इस बकाये में हर महीने 20 फीसद लोग नए जुड़ रहे हैं। बकाया को देखते हुए कनेक्शन काटने के अभियान शुरू कर दिए हैं। कंपनी का शहर के 1.20 लाख लोगों पर बिल का भारी भरकम कर्ज है।

सरकार ने वर्ष 2018 में चुनाव से पहले समाधान योजना लागू की थी। इस योजना के तहत बिल माफ किए गए थे। नगर निगम से जारी मजदूर कार्ड जिस व्यक्ति पर था, उसका पूरा बकाया माफ किया गया था। 2018 में घरेलू बकायेदारों का 218 करोड़ रुपये का बिल माफ हो गया था। इस माफी के बाद शहर का बकाया 300 करोड़ के करीब रह गया था। माफी के बाद लोगों ने बिल भरने बंद कर दिए। तीन साल में इस बकाये में 281 करोड़ का उछाल आया है।

इस तरह बढ़ रहा बकाया

-बिजली कंपनी बिल भरने की तारीख निर्धारित करती है। निर्धारित तारीख के बाद बिल भरा जता है तो उस पर 1.25 फीसद की दर से पैनल्टी शुरू हो जाती है। पैनल्टी बकाया को बढ़ा रही है।

-अप्रैल से जुलाई 21 के बीच तीन महीने में बिजली कंपनी ने 220 करोड़ बिल वसूली की डिमांड जारी की थी, लेकिन 151 करोड़ ही वसूल हो सके। 70 करोड़ रुपये बकाया में बढ़े गए।

- बिजली कंपनी ने एक जुलाई से 30 सितंबर 2021 तक तीन महीने में जितनी बिजली की आपूर्ती की थी, उस आपूर्ति के बदले में 255 करोड़ रुपये की वसूली की डिमांड जारी की थी, लेकिन 240 करोड़ ही वसूल हो पाए। 15 करोड़ वसूल नहीं हो पाए और बकाया में जुड़ गए।

- यदि कंपनी की ढील शुरू हो जाए तो लोग बिल भरना कम कर देते हैं, जिससे बकाया में बढ़ोतरी हो रही है।

फिर लागू समाधान, लेकिन दिलचस्पी नहीं दिखाई

सरकार ने फिर से समाधान योजना लागू की है। इस योजना के तहत एक मुश्त राशि जमा करने पर 40 फीसद की छूट दी जा रही है, लेकिन इस योजना में बकायेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। कंपनी बकायेदारों को नोटिस भेजकर योजना का लाभ लेने के लिए सूचना दे रही है, बावजूद इसके बकाया चुकाने में दिलचस्पी नहीं है।

बकाये का क्या असर

-बकाया का असर बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ता है। बिजली कंपनी की टैरिफ पिटीशन में बकाया का हवाला दिया जाता है। बकाया के आधार पर बिजली भी महंगी होती है। इसका असर बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर महंगे टैरिफ के रूप में पड़ता है।

- ग्वालियर रीजन के सभी सर्कलों की बात की जाए तो पांच हजार करोड़ रुपये बकाया है।

शहर के चार संभागों में बकाया स्थिति

संभाग घरेलू गैर घरेलू औद्योगिक वाटर वर्क्स स्ट्रीट लाइट कृषि

मध्य 29.0 11.72 0.63 0.39 3.7 0.14

दक्षिण 98.59 10.36 1.17 1.30 2.81 2.94

पूर्व 125 21.93 3.00 1.68 2.34 0.48

उत्तर 226 29.43 3.51 1.18 3.00 0.22

(बकाया राशि करोड़ में है। एक लाख 20 हजार कनेक्श्ान पर 581 करोड़ रुपये का बकाया है।)

फैक्ट फाइल

- कुल उपभोक्ता-2.73 लाख

- बकायेदार-1.20 लाख

इनका कहना है

- बकायेदार को दो दिन पहले फोन पर सूचना देते हैं। वह बिल नहीं भरता है तो उसका कनेक्शन काट रहे हैं। एक पोल पर जितने भी बकायेदार हैं, उनका कनेक्शन काट दिया जाता है। पिछले साल की तुलना में राजस्व में बढ़ोतरी हुई है।

विनोद कटारे, महाप्रबंधक, सिटी सर्कल

Posted By: anil.tomar

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