Action on Ti Gola ka Mandir: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खुद की करतूतों की मुखबिरी का पता लगाने के लिए अपने ही थाने के सिपाही की काल डिटेल निकलवाने वाले टीआइ धर्मेंद्र सिंह यादव को जासूसी महंगी पड़ गई। एसएसपी ने गोला का मंदिर थाने के टीआइ धर्मेंद्र यादव और जिस सिपाही विष्णु जाट ने इमेल से भेजी,दोनों को हटाकर लाइन हाजिर कर दिए। इसके साथ साथ दोनों की विभागीय जांच के आदेश भी एसएसपी अमित सांघी ने दिए हैं। जिस सिपाही शशिकांत शर्मा की काल डिटेल निकलवाई गई, उसको लेकर टीआइ को यह शक था कि रेत के डंपर को रोकने की जानकारी शशिकांत ने ही वरिष्ठ अधिकारियों को पहुंचाई है।

यहां यह बता दें कि नईदुनिया ने मंगलवार के अंक में गोला का मंदिर थाना टीआइ द्वारा सिपाही की काल डिटेल निकलवाने के मामले मामले का खुलासा कर दिया था। इस खुलासे के बाद ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और एसएसपी अमित सांघी ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए मंगलवार शाम को ही टीआइ धर्मेंद्र यादव व सिपाही विष्णु जाट को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए। विवादित टीआइ: पहले भी निवाड़ी से हटाया था निरीक्षक धर्मेंद्र यादव पर निवाड़ी में पदस्थ रहते हुए भी मनमानी कार्रवाई और अपराधियों पर एक्शन ना लेने के आरोप लगे थे। इसके चलते जब वह निवाड़ी में पदस्थ थे तो उन्हें थाने से हटाया गया था। ग्वालियर में इस कांड से पहले इंद्रमणि नगर तिराहे पर रेत से भरे डंपर रोकने के मामले इन्हीं के थाने के तीन पुलिसकर्मी कटघरे में थे। इसी मामले में शक होने पर निरीक्षक धर्मेंद्र यादव ने कॉल डिटेल निकलवाई थी।

रेत ने पहले भी करवाई खाकी की बदनामी

इससे पहले ग्वालियर सर्किल के सीएसपी प्रमोद शाक्य रेत का डंपर रोकने पर फंसे थे। उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया था। द्य इसी तरह मुरार थाने के पांच पुलिसकर्मियों को रेत के डंपरों रोकने के मामले में निलंबित किया गया था।

सीएसपी मीणा की जांच में आया-टीआइ ने गलत किया

शक होने पर गोला का मंदिर थाना टीआइ यादव ने दिसंबर माह में 27 से लेकर 29 दिसंबर तक की काल डिटेल निकलवाई। जब सिपाही को इसकी जानकारी लगी तो सिपाही ने इसकी शिकायत सीएसपी मुरार सर्किल ऋषिकेश मीणा से की। सीएसपी मीणा ने तुरंत इस मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी को दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सांघी ने इसकी जांच के आदेश दिए। सीएसपी मीणा ने जांच शुरू की, इसमें पुष्टि हुई कि थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए काल डिटेल निकलवाकर निजता का हनन किया। साथ ही अधिकारियों को बताया कि काल डिटेल दो अपराधों के मामले में निकाली, जबकि इन दोनों ही अपराधों से सिपाही का कोई सम्बन्ध ही नहीं था। बाद में कार्रवाई सामने आ गई।

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close