Adhik Maas 2020: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र व शुक्ल योग में 18 सितबर से अधिकमास (पुरुषोत्तम मास ) प्रारंभ हो गया है, लेकिन ग्वालियर में तेजगति से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण मंदिरों एवं खुले प्रांगणों में होने वाले धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। वहीं अधिकमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा का सबसे अधिक महत्व है। इसके साथ ही इस 14 दिन शुभ मुहूर्त रहने से इन योगों में की गई खरीदारी फलदायी होगी। अधिकमास के दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।

18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अधिकमास रहेगा। इस दौरान विभिन्न प्रकार के मांगलिक कार्य,जिसमें विवाह, सगाई, गृहप्रवेश आदि कार्य पर रोक रहती है। वहीं इस साल अधिकमास के साथ अश्विन मास भी रहेगा, जिससे अधिकमास की शुभता में बढ़ोत्तरी होगी। अधिकमास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं। इस कारण अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा आराधना, जाप, तप, आदि किया जाता है। इस माह में किया गया तप, जाप, पूजा, हवन, यज्ञ कई सौ गुना अधिक फल देता है।

इस साल नहीं होंगे धार्मिक आयोजन

अधिकमास के दौरान श्रीमद् भागवत कथा, विष्णु पुराण, आदि काफी संख्या में होते थे,लेकिन इस साल कोरोना महामारी के कारण धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। सबसे अधिक भगावत कथा सनातन धर्म मंदिर में आयोजित की जाती थीं। सनातनधर्म के अध्यक्ष कैलाश चंद मित्तल ने बताया कि इस साल कोरोना के कारण अभी तक एक भी भागवत कथा के लिए आवेदन नहीं आया है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020