ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महापौर चुनाव में 57 साल बाद मिली पराजय के बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा परिवर्तन किया है। महानगर इकाई के अध्यक्ष कमल माखीजानी को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय चौधरी को अध्यक्ष का दायित्व सौपा है। अभय चौधरी को चौथी बार महानगर के अध्यक्ष का दायित्व संगठन को मजबूत करने के लिये सौंपा गया है। प्रदेश नेतृत्व ने देश के गृहमंत्री अमित शाह के नगर प्रवास पर आने से सप्ताहभर पहले यह परिवर्तन किया है। अभय चौधरी के सामने अगला विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती होगी। वर्तमान में शहर की तीन विधानसभा सीटों में से दो पर कांग्रेस का कब्जा है। अभय चौधरी को यह दायित्व सौपे जाने से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का खेमा मजबूत हुआ है।

उपचुनाव से पहले कमल माखीजानी को सौपी खी कमान- उपचुनाव से पहले कमल माखीजानी को महानगर इकाई के अध्यक्ष की कमान सौपी थी। कमल माखीजानी सांसद विवेक नारायण शेजवलकर की पसंद थी। माखीजानी को नियुक्ति के साथ पूर्व महानगर ईकाई के अध्यक्ष देवेश शर्मा, जय सिंह कुशवाह सहित उनके साथियों का विरोध का सामना करना पड़ा था। और संगठन पर फैसला बदलने के लिये काफी दवाब बनाया गया था।

महापौर का चुनाव में मिली पराजय हुआ परिवर्तन- महापौर चुनाव 57 साल बाद भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा। पराजय के मंथन में यह बात सामने आई कि संगठन में कोई तालमेल नहीं था। और कार्यकर्ता भी संतुष्ठ नहीं था। इसी के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। महापौर चुनाव में पराजय के बाद से महानगर इकाई का अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। प्रदेश स्तर पर नये नाम पर मथन चल रहा था।

संगठन एक जुट करने के लिये अनुभवी को सौपी कमान- अभय चौधरी ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के अलावा तीन बार अध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा है। इसी बात पर विचार करते हुये अगले विधानसभा चुनाव तक संगठन को मजबूत करने के लिये अनुभवी हाथों में जिले की कमान सौंपी है।

नये कार्यालय के भूमि पूजन कराना इच्छा थी- कमल माखीजानी ने कहा कि निसंदेह अभय चौधरी अनुभवी हैं। संगठन के उनके अनुभव का लाभ मिला। पार्टी ने जिस अपेक्षा के साथ अध्यक्ष का दायित्व मुझे सौपा था, उसे पूरी इमानदारी व निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास किया है। महापौर चुनाव में मिली पराजय वेदना उन्हेंं भी हैं। कमल माखीजानी ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि उनके कार्यकाल में भले ही कार्यालय का निर्माण नहीं हो पाये, किंतु नवीन कार्यालय के लिये भूमि पूजन अवश्य हो जाये। नवीन कार्यालय के लिये सिरौल में जमीन चिन्हित कर ली गई है।

नेतृत्व जो दायित्व सौपा उसे इमानदारी से पूरा करने का प्रयास करूंगा

वरिष्ठ जनों ने जिस अपेक्षा के साथ यह दायित्व सौपा है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा। संगठन किसी भी दृष्टि से कमजोर नहीं हैं। भाजपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी जिसके कार्यकर्ता विचारधार के प्रति दिल से समर्पित हैं। और संगठन में निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं।

अभय चौधरी, नवागत अध्यक्ष

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close