AgnIpath Protest in Gwalior: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मैं अपने दो सिपाहियों के साथ खड़ा हुआ था। ट्रैफिक पॉइंट यहा लगा रहता है, इसलिए हमारी यहां ड्यूटी थी। हम तीन लोग यहां तैनात थे। सुबह समय था करीब 11.52 बजे का। मुरैना की तरफ जो बस स्टाप बना है, वहां मुरैना की ओर से एक बस आई, जिसमें से इकठ्ठे 10 से 12 लड़के उतरे, सभी मुंह बांधे हुए थे। मुझे लगा ऐसे ही आए होंगे, यह लोग सड़क के उस तरफ पहुंच गए। इसके बाद फिर से करीब 20 लड़के आए, यह इकठ्ठे होने लगे। करीब पांच मिनट बाद तो करीब 300 युवक यहां इकठ्ठे हो गए। अधिकांश लड़के मुरैना और भिंड से जो बस आ रही थीं, उससे आ रहे थे। करीब 100 लड़के फौजी ग्राउंड की तरफ से आए।

सूबेदार प्रमाेद साहू ने यह बात नईदुनिया काे विशेष बातचीत में बताई। उन्हाेंने बताया कि इतने संख्या में भीड़ होने पर मैंने तुरंत वीडियो बनाया तो यह लोग सड़क पर पेड़ की डाल और टायर डालकर जाम लगाने लगे। पूछा तो हंगामा करने लगे, तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही क्यूआरटी सहित अलग-अलग थानों का फोर्स आ गया। जिन लोगों ने यहां से निकलने की कोशिश की उनकी गाड़ी की तोड़फोड़ कर उत्पात मचाने लगे। दुकानों पर पत्थर फेंके। फोर्स आने के बाद सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। अधिकांश लड़के मुरैना भिंड की तरफ से आए थे। मैंने महाराजपुरा और पुरानी छावनी थाने के फोर्स को सूचना दी। भिंड और मुरैना से आ रही बसों को बीच में ही दोनों थानों के फोर्स ने रुकवा लिया। इसमें कई लड़के भरे थे, जिन्हें ग्वालियर आने से पहले ही उतार

पुलिस का इंटेलिजेंस फेल ग्वालियर से ठीक सोलह घंटे पहले बुधवार रात करीब 8 बजे मुरैना में उपद्रव हुआ था। सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम के विरोध में चक्काजाम किया गया, इसके बाद मुरैना में अलर्ट जारी कर दिया गया। ग्वालियर में भी इनपुट था, लेकिन पुलिस अफसर यह आंकलन ही नहीं कर पाए कि यहां इतना बड़ा उपद्रव हो सकता है। जबकि मुरैना और भिंड से सबसे ज्यादा युवक सेना में जाते हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश युवक तैयारी ग्वालियर में करते हैं। ग्वालियर में पूरी तैयारी के साथ उपद्रवी आते गए, गोला का मंदिर चौराहे पर इकठ्ठे हो गए और जब उत्पात मचाना शुरू कर दिया तब पुलिस अफसर जागे। उपद्रवियों से निपटने के लिए फोर्स तक पूरी तरह तैयार नहीं था, अलग-अलग थानों से फोर्स बुलवाकर लगाया गया।

नहीं हुए अलर्टः सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम को लेकर बिहार के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। मुरैना में इसे लेकर प्रदर्शन हुआ। जब मुरैना में प्रदर्शन हो गया था तो ग्वालियर में पुलिस अफसरों को पहले ही अलर्ट हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। खुद पुलिस अफसर भी इसे अपनी चूक मान रहे हैं। अगर मुरैना में हुए हंगामे से ग्वालियर पुलिस के अफसर अलर्ट हो जाते तो यहां पहले ही पूरी तैयारी कर ली जाती। यहां उपद्रव होने से पहले ही युवकों को रोका जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और आधे शहर में जमकर उपद्रव हुआ। इंटरनेट मीडिया पर भी प्रदर्शन को लेकर मैसेज चलाया जा रहा था, बीती रात से यह मैसेज तेजी से प्रसारित हुआ इसके बाद विरोध प्रदर्शन की भूमिका बना ली गई।

एडीजी ग्वालियर जाेन डी.श्रीनिवास वर्मा से सीधी बात:

सवाल: इतनी बड़ी घटना हो गई, क्या आंकलन है यह पूरी योजना से हुआ है या फिर अचानक?

जवाब: हम हर एंगल से विश्लेषण कर रहे हैं। इतना बड़ा उपद्रव बिना प्लानिंग के एकदम से होना संभव नहीं है। इसके पीछे कौन-कौन है, इसकी तह तक जाएंगे। हमने जिन्हें हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ चल रही है।

सवाल: क्या आपको लगता है, कहीं न कहीं पुलिस का इंटेलिजेंस सूचना संकलन में असफल रहा, जिसके चलते इतने उपद्रवी इकठ्ठे हो गए?

जवाब: कहीं न कहीं चूक तो रही है। कहीं न कहीं संवाद में, सूचना संकलन में चूक हुई जिससे इतने लोग इकठ्ठे हुए और उपद्रव हुआ। इसकी भी समीक्षा की जा रही है।

सवाल: उपद्रवियों पर क्या कार्रवाई होगी?

जवाब: उपद्रवियों पर एफआइआर कराई जा रही है। फोटो, वीडियो से इनकी पहचान कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई सख्त से सख्त होगी।

Posted By: vikash.pandey

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