ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम को लेकर जो उपद्रव ग्वालियर में हुआ, उसकी असल वजह फिजिकल ट्रेनिंग क्लब और कोचिंग चलाने वाले संचालक हैं। उपद्रव की पूरी भूमिका इन्होंने ही बनाई, पूरी योजना के साथ गोला का मंदिर चौराहे पर युवकों भेजा और उपद्रव कराया। इसे लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को ठोस जानकारी मिली है। इसी के चलते आनन-फानन में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी किया कि बिना अनुमति के कोई भी फिजिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, कोचिंग संचालित नहीं होगी। तीन दिन का अल्टीमेटम इन्हें दिया गया है, इसके अंदर इन्हें अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत करना होगा, साथ ही सभी छात्रों की सूची कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी। जब पुलिस अफसरों ने कोचिंग संचालकों की मंशा जानने के लिए पड़ताल की तो सामने आया कि अग्निपथ स्कीम के कारण कोचिंग संचालकों को यह आशंका है, अब उनके पास ट्रेनिंग लेने वाले युवकों की संख्या कम हो जाएगी। ऐसे में कमाई घटेगी, इसी के चलते इन लोगों ने युवकों को उपद्रव करने के लिए उकसाया। पुलिस ने गुरुवार से शुक्रवार दोपहर तक 5 कोचिंग संचालकों को हिरासत में लिया है, इनसे पूछताछ चल रही है। अभी इन पर कोई एफआईआर नहीं हुई है। पुलिस ने उपद्रव के सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए हैं।

ऐसे बनी प्लानिंग:

- ग्वालियर सेना, पैरामिलिट्री फोर्स और जिला पुलिस बल में भर्ती की तैयारी का हब है। आसपास के भिंड, मुरैना, दतिया और अन्य जिलों के युवक यहीं तैयारी के लिए आते हैं। यहां फिजिकल ट्रेनिंग और लिखित परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। सेना में अग्निपथ स्कीम लागू होने के बाद फिजिकल ट्रेनिंग कराने वाले क्लब संचालक, कोच और कोचिंग संचालकों को आशंका थी, यह स्कीम की वजह से उनके यहां प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या कम होगी। इससे इनकी कमाई घटेगी। अमूमन एक अभ्यर्थी दो से तीन साल तक तैयारी करता है, तब उसका फिजिकल तैयार हो पाता है, उसका चयन होता है। यह लोग एक साल से लेकर दो साल और चयन होने तक का एकमुश्त पैसा होता है। यह फीस 25 हजार रुपए से 75 हजार रुपए तक है। ग्वालियर में पिछले पांच साल में तेजी से फिजिकल ट्रेनिंग क्लब खुले हैं, यहां करीब 50 से अधिक फिजिकल ट्रेनिंग क्लब और कोचिंग हैं।

- कमाई घटने की आशंका के चलते इन लोगों ने युवकों को भड़काया, उन्हें बताया कि अगर इसका विरोध नहीं किया तो भविष्य खराब हो जाएगा। उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी, अग्निपथ स्कीम की पूरी जानकारी देने की बजाए उन्हें बताया गया कि सेना में उनके लिए नौकरी खत्म कर दी गई है। इसके बाद युवक भड़क उठे।

- सबसे पहले मुरैना हाइवे पर चक्काजाम कराया, यहां प्रशासन ने इसे नियंत्रित कर लिया तो बुधवार रात से ही वॉट्स एप ग्रुप में मैसेज चलवाए गए कि गोला का मंदिर चौराहे पर प्रदर्शन करना है। चक्काजाम करना है और स्कीम, सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी है। सभी को डंडे, सरिये और मुंह पर कपड़ा बांधकर भेजा गया। इसके बाद यह लोग इकठ्ठे हुए और गोला का मंदिर से शुरु हुआ उपद्रव आधे शहर में फैल गया।

पुलिस ने चिन्हित किए करीब 10 फिजिकल ट्रेनर: सीएसपी मुरार ऋषिकेष मीणा ने बताया कि करीब 10 फिजिकल ट्रेनर चिन्हित किए हैं। मेला ग्राउंड, हजीरा और गोला का मंदिर इलाके में फिजिकल ट्रेनिंग क्लब चलाने वालों को चिन्हित किया है। इसमें सोनू, बंटी, सुनील व दाे अन्य फिजिकल ट्रेनरों के नाम सामने आए हैं। इन्हें पूछताछ के लिए थाने में बैठाया है।

वर्जन:

ग्वालियर में जो उपद्रव हुआ उसमें फिजिकल ट्रेनिंग क्लब और कोचिंग चलाने वाले संचालकों की भूमिका सामने आई है। कई मैसेज इंटरनेट मीडिया पर इनके द्वारा किए गए। इससे अभ्यर्थी भड़के। इसकी पूरी पड़ताल कराई जा रही है। कोचिंग संचालकों को बाउंड ओवर किया जा रहा है, अब बिना अनुमति के कोई भी फिजिकल क्लब नहीं चलेगा। तीन दिन का समय दिया है, तीन दिन में आवेदन मांगा है और छात्रों की सूची मांगी गई है।

कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

वर्जन:

फिजिकल ट्रेनिंग क्लब चलाने वालों की ओर से मैसेज किए गए। यह पड़ताल में सामने आया है। उपद्रवियों से पूछताछ में भी कुछ तथ्य सामने आए हैं, इस आधार पर इन पर कार्रवाई की जाएगी।

अमित सांघी

एसएसपी

Posted By: anil tomar

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