ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम को लेकर जो उत्पात मचाया गया उसमें एक और आरोपी ऐसा सामने आया है, जिसने 500 से अधिक युवकों को भड़काया। दो वाटस एप ग्रुप पर करीब 500 युवकों को भड़काऊ वीडियो और मैसेज डालने वाले कृष्णा सिकरवार पर हिंसा भड़काने के मामले में एफआईआर करने की तैयारी पुलिस कर रही है। कृष्णा पहले ही पकड़ा जा चुका है और उसे जेल भेज दिया गया है। सीएसपी ऋषिकेष मीणा ने बताया कि उसके द्वारा कई ऐसे वीडियो और मैसेज डाले गए जिनसे युवक भड़के। उसने थाने पर कब्जा, हमला और जला देने जैसे शब्द लिखे- दो ग्रुप में करीब 500 युवक जुड़े थे, इन्हें मैसेज भेजे गए। इसके चलते उस पर एफआईआर की जाएगी। उधर पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी फिजिकल ट्रेनर मनोज फौजी की तलाश तेज कर दी है।

दो दिन पहले सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम के विरोध में जो हिंसा ग्वालियर में भड़की अब उसके पीछे फिजिकल ट्रेनरों की भूमिका अहम रही, यह स्पष्ट हो चुका है। इसमें सबसे आगे थाटीपुर और मेला ग्राउंड में फिजिकल ट्रेनिंग कराने वाला रिटायर्ड फौजी मनोज सिंह परमार उर्फ मनोज फौजी रहा। एसएसपी सांघी ने बताया कि उसने बाकायदा मैसेज डाले, युवकों को गोला का मंदिर पर इकठ्ठा होने के लिए उकसाया। खुद आठ बजे फौजी मैदान में युवकों को बुलाया, यहां पूरी रणनीति बनाई और इसके बाद गोला का मंदिर चौराहे पर ले गया। यहां से उपद्रव कराया। उसने फेसबुक लाइव वीडियो भी चलाया, जिसमें कई भड़काऊ बातें उसने कहीं, सेना की स्कीम, भूतपूर्व सैनिकों का कोटा खत्म करने और सेना बेचने जैसी भड़काऊ बातें कही। इसके बाद उस पर गोला का मंदिर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर होने के बाद उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया। एसएसपी सांघी ने बताया कि अभी और भी फिजिकल ट्रेनर राडार पर हैं, इनके खिलाफ सबूत ढूंढे जा रहे हैं। इसी तरह कृष्णा सिकरवार ने भी खूब मैसेज और भड़काऊ वीडियो ग्रुप में शेयर किए।

Posted By: anil tomar

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