मनीष शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। ज्याेतिष शास्त्र में ग्रहाें के राशि परिवर्तन का खास महत्व है, इस साल अप्रैल माह में अद्भुत संयाेग बनने वाला है। इस माह नाै ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौ ग्रहों में गुरु, शनि और राहु-केतु काफी लंबे समय तक एक राशि में रुकते हैं, इस वजह से इनके राशि परिवर्तन का महत्व काफी अधिक है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि गुरु ग्रह एक राशि में करीब 12-13 माह तक रहते हैं, शनि करीब ढाई साल और राहु-केतु 18-18 माह तक एक राशि में रहते हैं। मंगल ग्रह 45 दिन तक और बुध, शुक्र, सूर्य ग्रह करीब एक माह तक एक राशि मे रहते हैं। जिसमें गुरु और शनि की चाल बदलती रहती है, यानी ये ग्रह मार्गी से वक्री और वक्री से मार्गी होते रहते हैं, इस वजह से इनकी एक राशि में रुकने की अवधि कम या ज्यादा हो सकती है।

अप्रैल माह में राशि बदलेंगे सभी 9 ग्रहः 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल 7 अप्रैल को कुंभ में और बुध 8 अप्रैल को मेष में में प्रवेश करेंगे। देव गुरु बृहस्पति 13 अप्रैल को मीन राशि में जाएंगे। शुक्र 27 अप्रैल को मीन में, शनि 29 अप्रैल को कुंभ में प्रवेश करेंगे। 11 अप्रैल को राहु मेष में और केतु तुला राशि में जाएंगे। सभी 9 ग्रहों के एक ही माह में राशि बदलने से ज्योतिष नजरिए से ये माह बहुत खास हो गया है।

ग्रहों के परिवर्तन से संक्रमण से मिलेगी राहतः कुंभ राशि में गुरु के गोचर से खेती एवं व्यवसाय, रत्नों का काम करने वालों काे लाभ हाेगा। पिछले कुछ समय से कोरोना महामारी के चलते संघर्ष कर रहे लोग गुरु के इस गोचर से अब कुछ चैन की सांस ले सकेंगे। संक्रमण से लोगो को राहत मिलेगी। कुंभ में गुरु के गोचर से धार्मिक उत्सवों का आयोजन बढ़ेगा तथा दवा निर्माण के कार्य में भी तेजी आएगी। शनि के 30 साल बाद कुंभ राशि मे जाने से मीन राशि के जातकों की साढ़े साती शुरू हो जाएगी।

Posted By: vikash.pandey

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