दीपक सविता, ग्वालियर नईदुनिया। रानीघाटी स्थित गाेशाला अब पूरे प्रदेश का राेल मॉडल बन चुकी है। इसमें गायाें काे रखने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ ही आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। अब यहां पर गाेवंश के लिए अतिरिक्त भूसा घर भी बनवाया जा रहा है।

जिला पंचायत सीईआे शिवम वर्मा ने शुक्रवार काे रानी घाटी स्थित रामजानकी मंदिर के पास जिला पंचायत द्वारा निर्मित गाेशाला का निरीक्षण किया गया। इस दौरान गाेशाला में रह रहे गोवंश की स्थिति को देखा और आवश्यक संसाधनाें काे लेकर संताे से चर्चा की गई। यहां गोवंश के लिए पानी की पूर्ति हमेशा होती रहे है, इसके लिए एक बोर एवं साल भर का स्टॉक भूसे का बना रहे, उसके लिए एक भूसा शेड निर्माण के निर्देश जिला पंचायत सीईओ ने अधिनस्थ अफसरों को दिए हैं। वहीं रानी घाटी क्षेत्र के आसपास बाजना आदि गांव में निर्माणाधीन गाेशालाओं के विकास कार्य भी देखे, जहां काेई समस्याएं आ रही थी, उनको भी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन का आवंटन समय पर हो सके एवं निर्माण कार्य पूरा होकर काम तेजी से कार्य हो, इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं गांव में नए चारागाह विकसित हों, वन विभाग भी अपने क्षेत्र में चारागाह तैयार करें, इसके लिए सीईओ ने वन विभाग के अफसरों से चर्चा की है। इस मौके पर रानी घाटी स्थित गाेशाला की व्यवस्थाओं की जानकारी स्वामी ऋषभदेवानंद, स्वामी अमृतानंद एवं अन्य संतों द्वारा दी गई। गाैरतलब है कि इस गाेशाला के पास ही मंदिर की भूमि है। जिसे अतिक्रमण मुक्त करके अब यहां गायाें के लिए चारा उगाया जा रहा है।

Posted By: vikash.pandey

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