- पद का दुरुपयोग: आइएएस और भाजपा नेता पर केस

Anti corruption day : अमित मिश्रा. ग्वालियर। ग्वालियर में राजस्व विभाग सबसे ज्यादा भ्रष्ट है। यह हम नहीं कह रहे, यह खुलासा लोकायुक्त पुलिस के आंकड़े कर रहे हैं। इस साल जनवरी से नवंबर माह के बीच लोकायुक्त पुलिस ने जिन रिश्वतखोरों को रंगेहाथ पकड़ा, उसमें सबसे टाप पर राजस्व विभाग है। जबकि पंचायत विभाग रिश्वतखोरी में दूसरे नंबर पर है। लगातार भ्रष्टाचारी पकड़े तो जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग रही। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो 2021 की रिपोर्ट में भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 65 प्रतिशत तक भ्रष्टाचार बढ़ा है। ग्वालियर में भी पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत तक भ्रष्टाचार बढ़ा। हर साल अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस 9 दिसंबर को मनाया जाता है। लेकिन यह दिन सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाता है। अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस पर पढ़िए नईदुनिया की विशेष रिपोर्ट...

जानिए किस विभाग में कितने भ्रष्टाचारियों को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा:

राजस्व विभाग- 8

पंचायत विभाग- 4

पुलिस- 3

सहकारिता विभाग- 2

जल संसाधन- 1

आदिम जाति कल्याण विभाग- 2

डाक विभाग- 1

पीएचइ विभाग- 1

शिक्षा विभाग- 2

कुल- 24

- आय से अधिक संपत्ति: 2 एफआइआर

- पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार- 2 एफआइआर

विश्लेषण:

- लोकायुक्त पुलिस ने जनवरी से नवंबर माह तक जिन भ्रष्टाचारियों को पकड़ा है, उनमें सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के हैं। इसमें भी पटवारी रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। जबकि पुलिस तीसरे नंबर पर है। शिक्षा विभाग के दो कर्मचारी पकड़े गए, इसमें एक तो प्रोफेसर भी शामिल था। जबकि जल संसाधन विभाग के इंजीनियर रिश्वत लेते पकड़े गए। पुलिस विभाग के जिन कर्मचारियों को पकड़ा, उनमें हवलदार और सिपाही शामिल हैं। आदित जाति कल्याण विभाग में क्लर्क रिश्वत लेते पकड़े गए।

पद का दुरुपयोग: आइएएस और भाजपा नेता पर एफआइआर-

पद का दुरुपयोग कर शराब कारोबारी को लाभ पहुंचाने के मामले में आइएएस पर एफआइआर दर्ज की गई। लोकायुक्त पुलिस की ग्वालियर इकाई ने आइएएस तरुण भटनागर और भाजपा नेता राकेश जादौन पर एफआइआर दर्ज की। आइएएस तरुण भटनागर उस समय ग्वालियर में साडा के सीइओ थे, जबकि भाजपा नेता राकेश जादौन अध्यक्ष थे। इन्होंने नियमों को ताक पर रखकर जमीन का लैंडयूज बदलकर शराब कारोबारी को लाभ पहुंचाया। अभी इस मामले की जांच चल रही है।

पुलिस: लोकायुक्त पुलिस ने तीन ही पकड़े, रिश्वतखोरी ने भोपाल तक कराई बदनामी-

- लोकायुक्त पुलिस ने तीन ही पुलिसकर्मियों को 11 माह में रिश्वत लेते पकड़ा। जबकि पुलिस अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक ने रिश्वतखोरी के मामलों में भोपाल तक ग्वालियर पुलिस की बदनामी करवाई। इन पर विभागीय कार्रवाई की गई।

- सबसे पहला नाम है डीएसपी प्रमोद शाक्य का। यह डंपर वसूली कांड में फंसे, नईदुनिया टीम ने स्टिंग आपरेशन किया। इसके बाद इन्हें ग्वालियर से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया। हाल ही में मुरार के पांच पुलिसकर्मी रेत के डंपर से वसूली कांड में फंसे। इन्हें निलंबित किया गया। इससे पहले इंदरगंज थाने के तीन पुलिसकर्मियों का नाम नशा तस्कर से लेनदेन में सामने आया, इसमें इन्हें निलंबित किया गया था।

Posted By: anil tomar

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