- ध्यानमगन देवाधिदेव महादेव, श्रीगणेशजी व मां दुर्गा की प्रतिमाओं को आकर्षक स्वरूप दिया

- 70 वां स्थापना दिवस गंगादशहरा को, मौक्षदयिनी मां गंगा की 108 दीपों से महाआरती होगी

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहरवासियों की श्रद्धा व आस्था का प्रमुख केंद्र राममंदिर का 70 वां स्थापना दिवस जयेष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी (गंगादशहरा) 9 जून को भक्तिभाव व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। स्थापना दिवस समारोह के लिए मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम व माता जानकी के साथ मंदिर में विराजमान शिवजी, गणेशजी व मां दुर्गा के विग्रह पर सोने के वर्क व प्राकृतिक रंगों से संजाया व संवारा जा रहा है। देवी-देवताओं के विग्रह के श्रृंगार के लिये जयपुर से विशेष रूप से कलाकार बुलाये गये हैं। मौक्षदायिनी मां गंगा के भू-लोक पर अवतरण दिवस पर राममंदिर पर मां गंगा की 108 दीपों से महाआरती के साथ प्रसाद वितरण किया जाएगा।

श्री ग्वालियर वालान अग्रवाल पंचायत के राममंदिर पिछले एक पखबाड़े स्थापना दिवस की तैयारियां चल रहीं हैं। मंदिर में साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन किया जा रहा है। मंदिरों के दीवारों पर केवट संवाद सहित अन्य प्रसंगों की कांच से सुंदर दृश्य बनाये गये हैं। मंदिर के शिखर को भी आकर्षक रंगों से सजाया जा रहा है। एवं गंगा दशहरा पर मंदिर पर आकर्षक विधुत सज्जा भी की जाएगी।

भगवान के विग्रह को सोने के वर्क स प्राकृतिक रंगों से मनमोहक श्रृंगार- राममंदिर में श्रीरामजी के साथ माता सीता की प्रमूख मूर्ति के साथ देवाधि महादेव की ध्यानमंगन प्रतिमा के साथ, प्रथम पूज्य श्रीगणेश व मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं हैं। इन मूर्तियों के श्रृंगार के लिये विशेष रूप से जयपुर में कलाकार ताराशंकर व ललित कुमार की टीम को बुलाया गया है। इस टीम ने कृपानिधान व माता जानकी के विग्रह को प्राकृतिक रंगों से आकर्षक रूप दिया है। श्रीरामजी व माता सीता की प्रतिमाएं इतनी सुंदर लग रही हैं। उनके निहारने से मन नहीं भरता है। मंदिर विराजमान अन्य देव प्रतिमाओं को सोने के वर्क से संजाया जा रहा है।

दो सौ साल श्रीराम व माता जानकी प्रतिमाओं को भी सजाया- रामंदिर में दो सौ साल पुरानी श्रीराम व माता जानकी चल प्रतिमाएं हैं। इन दोनों प्रतिमाओं के साल में एक बार श्रीराम-सीता के विवाह समारोह के दिन भी रामभक्तों के इनके दर्शन होते हैं। इन प्रतिमाओं को दिव्य स्वरूप दिया गया है।

राममंदिर में यह उत्सव प्रमुख रूप से मनाये जाते हैं- रामनवमी को राम जन्म, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, श्रीराम व माता जानकी का विवाह का उत्सव प्रमुख रूप से मनाया जाता है। फाल्गुन की रंग पंचमी पर भगवान अचलनाथ विशेष रूप से अपने आराध्य श्रीराम के साथ होली खेलने के लिये पालकी में हर वर्ष अपने गणों के साथ आते हैं। इसके अलावा अन्य त्योहार भी यहां मनाये जाते हैं। यह मंदिर समूचे शहर की आस्था का केंद्र हैं।

गंगा दशहरा पर आकर्षक झांकी सजेगी

राममंदिर की स्थापना सन 1953 में गंगा दशहरा के दिन की गई थी। अग्रवाल पंचायत द्वारा स्थापना दिवस को पूर्ण भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रीराम-सीता सुंदर नौका विराजमन होकर भक्तों के दर्शन देते हैं। गर्भगृह को पवित्रजल से भरा जाता है। गंगादशहरा के दिन स्वर्ग से पापनाशिनी मां गंगा का अवतरण हुआ था। इसी उपलक्ष में 9 जून की शाम को मां गंगा की महाआरती 108 दीपों के साथ की जाएगी। और प्रसाद वितरण होगा। मंदिर में विराजमन श्रीराम व माता जानकी के विग्रह के साथ अन्य देवी- देवताओं की प्रतिमाओं को सोने के वर्क व प्राकृतिक रंगों से जयपुर के कलाकारों द्वारा आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है।

गोविंद बसंल, सचिव, श्री ग्वालियर वालान अग्रवाल पंचायत

Posted By: anil tomar

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