ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। अषाढ़ अमावस्या को हलहरणी अमावस्या भी कहते है। यह अमावस्या दो दिन रहेगी। यानि 28 जून को शुरू होगी और 29 जून को सुबह समाप्त होगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक आषाढ़ मास की अमावस्या यानी हलहारिणी अमावस्या 28 जून, मंगलवार को पड़ रही है लेकिन स्‍नान-दान की अमावस्‍या 29 जून, बुधवार को होगी। अषाढ़ अमावस्‍या तिथि 28 जून 2022 की सुबह 05:52 बजे से शुरू होकर 29 जून 2022 की सुबह 08:21 तक रहेगी। इस अमावस्या को अपने पितृों को याद करना और उन्हें प्रशन्न कर सकते हैं। इसके लिए उपाय करने होते है। जिन्हें हम बता रहे है।

हलहारिणी अमावस्या के दिन करें ये काम

- आषाढ़ अमावस्‍या के दिन पवित्र नदी में स्‍नान जरूर करें. यदि ऐसा संभव न हो तो नहाने के पानी में पवित्र नदी का जल मिलाकर स्‍नान करें।

- स्‍नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करें. इस दिन व्रत रखना बहुत फलदायी होता है।

- हलहािरणी अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं। इसके साथ ही फूल, अक्षत और काले तिल भी चढ़ाएं और अपने पूर्वजों को याद करके माफी मांगे और उनका आशीर्वाद लें।

- इस दिन भगवान शिव की भेजा करने भी शिव पितृ प्रशन्न होते हैं और पितृ दोष से छुटकारा मिलता है। इसके लिए इस दिन शिव मंदिर में जाकर जल अर्पित करें। इसके साथ ही 21 आक के फूल, बेलपत्र चढ़ाएं इससे लाभ मिलेगा।

- हलहारिणी अमावस्‍या के दिन से ही चातुर्मास शुरू होता है इसलिए इस अमावस्‍या को तर्पण, श्राद्ध जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है।

- अमावस्‍या के दिन दान अवश्‍य करें। इससे पितृ भी प्रसन्‍न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है।

- जो लोग पैसों की तंगी से परेशान हैं, वे आषाढ़ अमावस्‍या के दिन सुबह स्‍नान करने के बाद आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं। ऐसा करने से कुछ ही दिन में आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगेगी। संभव हो तो यह उपाय हर अमावस्‍या को करें।

Posted By: anil tomar

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