ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जीवाजी विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों ने लाल फीता काटकर मल्टी आर्ट कॉम्पलेक्स का उद्घाटन कर दिया और मिठाई भी बांट दी। इसके बाद निर्माणधीन स्विमिंग पूल के पानी में जेयू प्रशासन के पुतलों को फांसी देकर डुबोया गया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि ये दोनों निर्माण भ्रष्टाचार की निशानी हैं। इन्हें बनाने में छात्रों का पैसा खर्च किया गया है। मल्टी आर्ट बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन उद्घाटन न होने से बिल्डिंग खराब हो रही है। छात्र इन सुविधाओं का उपयोग कर सकें, इसलिए उद्घाटन किया गया है। जेयू प्रशासन के पास जब इसकी सूचना पहुंची तो घटनाक्रम के फोटो इकट्ठे किए गए।

जेयू ने दिसंबर 2014 में मल्टी आर्ट के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति दी। इसके निर्माण के लिए 14 करोड़ 80 रुपए स्वीकृत किए गए थे। निर्माण को दो साल बाद वर्ष 2017 तक तैयार कर शुरू किया जाना था। लेकिन मल्टी आर्ट के निर्माण में आर्थिक गड़बड़ियां की गई, जिस कारण यह पूरा नहीं हो सका। जबकि लागत में करीब 40 फीसदी इजाफा भी हो गया। इसकी कुल लागत 14.80 करोड़ से बढ़कर 23 करोड़ 92 लाख 58 हजार पर पहुंच गई। जैसे-तैसे बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई, अब इसमें एसी व कुर्सियां लगाने का काम चल रहा है। लेकिन जेयू इसे शुरू करने की तारीख घोषित नहीं कर पा रहा था। इसके चलते छात्रों ने सोमवार को मल्टी आर्ट का उद्घाटन कर दिया। छात्रों का कहना है कि इन निर्माणों में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत ईओडब्ल्यू व लोकायुक्त से की जाएगी।

निर्माण पर लगाई थी आपत्तियां

-जेयू के तत्कालीन वित्त नियंत्रक ने मल्टी आर्ट के निर्माण पर कई आपत्तियां लगाई थीं और शासन को पत्र भी लिखा था। इस पर शासन ने जांच कमेटी तो बनाई, लेकिन निष्कर्ष क्या निकला, किसी को पता नहीं चला।

- जेयू वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री के हाथों मल्टी आर्ट का उद्घाटन कराना चाह रह था, लेकिन एन वक्त पर इसका उद्घाटन रद्द हो गया। जब से इसके दरवाजों पर ताला लगा हुआ है।

सपना दिखाया अंतराष्ट्रीय स्पर्धाओं का, बड़ा गड्ढा बनकर रह गया

जेयू ने स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए 4 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। छात्रों को सपना दिखाया कि इसमें अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रतियोगिता होंगी, लेकिन इसका डिजाइन गलत कर दिया। अंतर राष्ट्रीय मानक के हिसाब से एक मीटर छोटा रह गया है। करीब एक साल से काम भी बंद पड़ा है। इसके सुधरने की कोई संभावना भी नहीं दिख रही है। स्विमिंग पूल के निर्माण में हुई गड़बड़ी के लिए किसी भो जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। 43 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने की तैयारी है। नई राशि स्वीकृति का प्रस्ताव ईसी में भेजा जाना है। पीआईयू ने यह पैसा मांगा है, क्योंकि पीआईयू की निगरानी में इसका निर्माण हो रहा है।

नो कमेंटे

- मल्टी आर्ट के उद्घाटन की तारीख क्यों तय नहीं हो पा रही है, इस संबंध में कोई कमेंट नहीं कर सकता है।

आईके मंसूरी, कुलसचिव जेयू

उद्घाटन छात्रों का हक

- मल्टी आर्ट व स्विमिंग पूल के निर्माण में भ्रष्टाचार किया गया है। इसलिए स्विमिंग पूल जेयू प्रशासन के पुतले को फांसी दी गई है। मल्टी आर्ट उद्घाटन इसलिए किया गया ताकि इसकी शुरुआत हो सके।

सचिन द्विवेदी, प्रदेश महासचिव एनएसयूआई

Posted By: Nai Dunia News Network