- खंड वर्षा के चलते वर्षा में नहीं असमानता, कल से फिर शुरू होगी झमाझम

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून के 66 दिन बीत चुके हैं। खंड वर्षा के चलते शहर सहित तीन विकास खंड में वर्षा में समानता नहीं रही है। इन 66 दिनों में बादल सबसे ज्यादा भितरवार के ऊपर मेहरबान रहे। यहां औसत वर्षा का आंकड़ा 527 मिली मीटर के ऊपर पहुंच गया, जबकि ग्वालियर वर्षा के मामले में तीसरे नंबर पर है। यहां पर 300.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, लेकिन घाटीगांव वर्षा के मामले में दूसरे नंबर पर है। बावजूद इसके तिघरा में जल स्तर नहीं बढ़ा है, क्योंकि यहां भारी वर्षा एक भी बार दर्ज नहीं हुई। इस वजह से नदी नाले उफान पर नहीं आ सके। मौसम विभाग के अनुसार सात अगस्त से फिर से झमाझम वर्षा का दौर शुरू होगा, जो 10 जुलाई तक जारी रह सकता है। 60 से 70 मिमी के बीच वर्षा दर्ज हो सकती है।

मानसून सीजन एक जून से 30 सितंबर के बीच रहता है। जून के अंतिम सप्ताह में मानसून आ गया था। बंगाल की खाड़ी का एक भी सिस्टम ग्वालियर चंबल संभाग की ओर नहीं आया। नमी, मानसून ट्रफ लाइन के असर से वर्षा दर्ज हुई। इस कारण वर्षा में समानता नहीं रही है। बादल कहीं तेज, तो कहीं हल्के बरसे हैं। खंड वर्षा का दौर चला है। चार स्टेशनों पर वर्षा नापी जाती है, उनमें काफी अंतर हैं। घाटीगांव में वर्षा के 23 दिन रहे हैंं। यहां पर जोरदार वर्षा नहीं हुई। इस वजह से तिघरा का जल नहीं बढ़ा। नहर से तिघरा को भरा जा रहा है।

26 दिन बरसे बादल, फिर भी ग्वालियर औसत से पीछे

-पांच अगस्त तक शहर में 346.1 मिमी वर्षा दर्ज होनी थी, लेकिन अब तक 300.2 मिमी वर्षा हुई है। 66 दिन में से ग्वालियर में 26 दिन वर्षा हुई है। फिर भी ग्वालियर औसत से पीछे है। औसत तक पहुंचने के लिए 46 मिमी वर्षा चाहिए।

- भितरवार में हो रही वर्षा से शहर सूखे के संकट से बाहर आ गया है। यहां हुई वर्षा के कारण ग्वालियर जिला औसत वर्षा से ऊपर है।

ग्वालियर जिले के चार केंद्र पर वर्षा के आंकड़े

केंद्र वर्षा वर्षा के दिन

ग्वालियर शहर 300.2 26

भितरवार- 527 22.4

घाटीगांव 346 23

डबरा 231 18.5

(यह वर्षा एक जून से पांच अगस्त के बीच की है।)

वर्षा का दौर थमा, गर्मी बढ़ी, उमस ने किया बेहाल

-पिछले तीन दिनो में 88.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई, लेकिन शुक्रवार को वर्षा का दौर थम गया, जिससे अधिकतम तापमान 34.7 डिसे पर पहुंच गया। धूप निकलने से उमस भी बढ़ गई। इससे रहवासी गर्मी से बेहाल रहे। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.5 डिसे अधिक रहा। इससे गर्मी की चुभन बढ़ गई।

- शाम के समय हल्के बादल भी छाए, लेकिन नमी कम होने की वजह से वर्षा नहीं हो सकी। बादल बिन बरसे विदा हो गए।

यह सिस्टम ग्वालियर के मौसम को प्रभावित नहीं कर सके

- मानसून ट्रफ लाइन गुना से होते हुए गुजर रही थी। इस वजह से गत दिवस हवा में नमी बढ़ गई। इससे वर्षा दर्ज हुई थी, लेकिन अब मानसून ट्रफ लाइन रायसेन, रायपुर कोटा होते हुए बीकानेर तक जा रही है। ग्वालियर ट्रफ लाइन के उत्तर में आ गया, जिससे वर्षा नहीं हो सकी।

- राजस्थान के ऊपर बना चक्रवातीय घेरा भी ग्वालियर से दूर है। पश्चिमी विक्षोभ अभी पाकिस्तान पर है। इस वजह से नमी घटी है।

अधिकतम तापमान-34.7 डिसे

न्यूनतम तापमान-24.6 डिसे

पारे की चाल

समय तापमान

05:30 25.6

08:30 27.8

11:30 31.0

14:30 33.0

17:30 32.8

इनका कहना है

- बंगाल की खाड़ी में सात अगस्त को नया कम दवाब का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसके असर से इसी दिन से ग्वालियर में वर्षा शुरू हो जाएगी। भारी वर्षा की संभावन कम है, लेकिन 60 से 70 मिमी तक वर्षा हो सकती है।

डा वेदप्रकाश सिंह, रडार प्रभारी मौसम केंद्र भोपाल

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