Basant Panchmi 2023: ग्वालियर.(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सनातन धर्म में ऋतुओं का महोत्सव मानी जाने वाली बसंत पंचमी इस बार दो दिन तक मनाई जा रही है। इस बार बसंत पंचमी 25 जनवरी दाेपहर 12 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 26 जनवरी सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। वहीं बात करें शुभ मुहूर्त की तो बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉं सतीश सोनी के अनुसार बसंत पंचमी पर इस बार 4 शुभ योग बन रहे हैं। इसमें 25 जनवरी को शिवयोग सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर 3 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, वही सिद्धि योग सुबह से शाम तक रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग शाम 6 बजकर 57 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक और रवि योग 25 जनवरी शाम 6 बजकर 57 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। गौरतलब है कि बसंत पंचमी पर 26 जनवरी को शादियों का पहला अबूझ मुहूर्त है, जिसके कारण 26 जनवरी को कई शादियां भी आयाेजित हो रही हैं। इसके अलावा घरों और शैक्षणिक संस्थानों में ज्ञान और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना भी होगी।

इस तरह करें सरस्वती पूजा:

ज्योतिषाचार्य डा. सतीश सोनी के अनुसार बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय के बाद और दिन के मध्य भाग से पहले की जाएगी। पंचमी के लिए चार शुभ मुहूर्त पर ध्यान दें तो पूजन का कुल अवधी समय 5 घंटे 28 मिनट का होगा। सुबह स्नान के बाद पीले रंग के कपड़े पहनकर पूजा का संकल्प लें। पूजा के स्थान को गंगाजल और गाय के गोबर मिलाकर पवित्र करें। उसके बाद एक चौकी रखकर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। पूजा में मां सरस्वती का पूजन कर पीले फूल अर्पित करें और अक्षत, चंदन, रोली चढ़ाकर धूप, दीप से आरती करें। सरस्वती वंदना के साथ पुस्तक, कलम, दवात का पूजन कर मां सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त करें।

Posted By: anil tomar

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