ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलने के प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार रेलवे के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मामला राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव तक पहुंचने के बाद चंबल संभाग की कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। यह कमेटी हर माह भूअर्जन कार्य की समीक्षा करेगी। जिससे की प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने मुरैना-श्योपुर रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण मामले का जल्द से जल्द निराकरण करके प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए चंबल संभाग आयुक्त रेनू जैन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें अपर आयुक्त, कलेक्टर मुरैना, श्योपुर, सदस्य सचिव उपायुक्त चंबल संभाग, रेलवे के पीडब्ल्यूआई अंकुर शर्मा और आईओडब्ल्यू भी शामिल होंगे। यह कमेटी प्रत्येक माह में भूअर्जन मामले की समीक्षा कर रिपोर्ट पीएस को भेजेगी।

सौ दिन चले अढ़ाई कोसः नैरोगेज से ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के मामले में रेलवे की स्थिति सौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली है। क्योंकि दो साल से चल रहे इस प्रोजेक्ट में अब तक रेलवे के पास केवल 45 हेक्टेयर जमीन ही मिल सकी है। जबकि मुरैना जिले में 107 गांवों की 313 हेक्टेयर एवं श्योपुर जिले के 44 गांवों की करीब 309 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होना है। भूअर्जन में आ रही दिक्कतों को लेकर रेलवे के अधिकारियों ने राज्य शासन को भी पत्र लिखा था। इसके बाद ही यह समिति गठित की गई है।

क्या है प्रोजेक्ट

योजना के तहत बिरला नगर स्टेशन से श्योपुर के बीच गेज परिवर्तन होना है। बिरला नगर से लाइन रायरू रेलवे स्टेशन से चार किमी आगे जाने के बाद बानमौर स्टेशन तक जाएगी। रायरू तक रेलवे के पास अपनी जमीन है, इसके चलते बानमौर स्टेशन से सुमावली तक 45 हेक्टेयर जमीन पर रेलवे ने 112 करोड़ का 27 किमी लंबे ट्रैक का टेंडर अप्रैल 2018 में जारी किया था, जिस पर काम शुरू हो चुका है।