ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

फूड के लायसेंस पर दवा बनाने का कारोबार कर रहे डॉ वीके खटोड के बेटे विभोर खटोड़ की फैक्ट्री पर फूड विभाग एवं ड्रग्स इंस्पेक्टर ने छापेमार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान फूड के साथ साथ बिना लाइयसेंस के दवाएं बनाईं जा रहीं थी। टीम ने 30 लाख रुपए कीमत की दवाएं व उनका सामान जब्त किया है। उधर फूड विभाग ने तैयार हो रहे खाद्य सामग्री के सेंपल लिए हैं। ड्रग्स इंस्पेक्टर अजय ठाकुर ने बताया कि तानसेननगर में विभोर खटोड ने ऑल केयर फार्माश्यूटिकल के नाम से फैक्ट्री डाल रखी है। वहां पर खाद्य सामग्री तैयार की जाती है जिसका उन्होंने लायासेंस ले रखा है। इसके साथ ही चोरी से वह भूख बढ़ाने वाली दवा बनाने का काम भी शुरू कर दिया। जबकि दवा बनाने के लिए ऑषधि निर्माण का लायसेंस लेना होता है जो उनके द्वारा नहीं लिया गया। इसकी सूचना मिलने पर फूड व ड्रग्स इंस्पेक्टर द्वारा कार्रवाई की गई। भूख बढ़ाने वाली दवा और उसकी पैकेजिंग सहित पूरा मटेरियल करीब 30 लाख का माल जब्त किया गया।

डॉ विनोद खटोड सेवानिवृति के बाद सिविल हॉस्पिटल हजीरा में कॉन्ट्रेक्ट पर अल्ट्रासाउंड का काम कर रहे हैं। डॉ खटोड के बेटे ने ऑल केयर फार्मा कंपनी खोलकर तानसेन नगर में मैनीफेक्चरिंग का काम शुरू किया है। लंबे समय से शिकयत मिल रही थी कि खाद्य पदार्थो ं केसाथ दवाओ ंका निर्माण कर मार्केट में खपाया जा रहा है। कार्रवाई में फूड सेफ्टी ऑफिसर सतीष शर्मा, सतीष धाकड़, ड्रग्स इंस्पेक्टर अजय ठाकुर, दिलीप अग्रवाल, भिंड से आए ड्रग्स इंस्पेक्टर आंकाक्षा अग्रवाल ने की।