ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

आप धनवान, ज्ञानवान और यशवान है, लेकिन आपके जीवन में भक्ति नहीं है तो जीवन बेकार है। यदि जीवन में भक्ति है तो बालक धुव्र जैसे बनो, जिसने मात्र 6 माह में तपस्या के बल पर भगवान को प्राप्त कर लिया। यह बात थाटीपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथाव्यास पंडित रमेश शास्त्री ने कही।

कथाव्यास ने कहा कि भक्त प्रहलाद की रक्षा करने एवं उसकी बात को सत्य करने के लिए भगवान ने स्वयं नरसिंह का रूप धारण किया। जीवन में सत्संग का बहुत महत्व है। साथ ही गुरुओं की शरण में प्रतिदिन कुछ समय गुजारना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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