ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

गर्मी शुरू होते ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ना शुरू हो जाती है। उल्टी, दस्त, पीलिया के मरीज तेजी से बढ़ते हैं। जबकि कोरोना के संकट के कारण सरकारी अस्पतालों में जनरल ओपीडी बंद है। उधर आईएमए भी निजी क्लीनिक खुलवाने को तैयार नहीं है। इससे आने वाले समय में मरीजों के लिए परेशानी खासी बढ़ सकती है। जेएएच की कैजुअल्टी में सुबह से मरीजों की कतार लगना शुरू हो जाती है। जहां शारीरिक दूरी के नियम का बिल्कुल भी पालन नहीं हो रहा है। खबर है कि कॉलेज प्रबंधन ने कैजुअल्टी का रजिस्टर भी जब्त कराया है। क्योंकि शिकायत है कि मरीज अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं, लेकिन एन्ट्री कम हो रही है।

जयारोग्य अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन करीब 3000 मरीज चेकअप के लिए पहुंचते हैं। कोरोना का संकट गहराने के बाद जनरल ओपीडी बंद कर दी गई है। निजी क्लीनिक भी मार्च से ही बंद हैं। जेएएच की कैजुअल्टी में मरीजों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है, जिसके कारण मेडिसिन एवं सर्जरी के डॉक्टरों को भी यहां पर बैठाया गया है। यहां भी 250 मरीजों को ही प्रतिदिन उपचार मिल पा रहा है। जबकि कैजुअल्टी में सुबह से ही लंबी कतार लग रही है। सूत्रों की माने तो जीआर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को शिकायत मिली थी कि मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है। इसी वजह से मरीज अधिक संख्या में पहुंचने के बाद भी एन्ट्री कम दर्ज हो रही है। इसलिए मंगलवार को कैजुअल्टी का रजिस्टर भी जब्त करा लिया गया है। जिसकी जांच की जा रही है।

डॉक्टरों ने खोली क्लीनिकः-

आईएमए(इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) निजी क्लीनिक संचालन के खिलाफ है। मगर कुछ डॉक्टरों ने क्लीनिक खोल दिए हैं। एक डॉक्टर ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि गंभीर रोगी परेशान हो रहे थे। इसलिए हमने एक घंटे की ओपीडी शुरू की है। हालांकि सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित बीमारों का ही चेकअप किया जा रहा है।

कैजुअल्टी में पिछले चार दिन में मरीजों की संख्याः-

तारीख मरीज संख्या

1 मई 217

2 मई 223

3 मई 147

4 मई 258

जेएएच में घट गई ओपीडी आईपीडीः-

जेएएच में मार्च माह में 55276 मरीजों का ओपीडी चेकअप हुआ है। जबकि भर्ती मरीज संख्या भी 3471 थी। अप्रैल माह में ओपीडी संख्या घटकर 10269 रह गई है। वहीं आईपीडी(भर्ती मरीज संख्या) भी 1783 की रही है। मई माह में अब तक 1465 मरीजों का चेकअप हुआ है, वहीं भर्ती मरीज संख्या 83 है।

प्रसूताएं भी हुई परेशानः-

जेएएच के गायनिक विभाग की ओपीडी अधिक एवं आईपीडी कम होती थी। मगर अप्रैल माह में आईपीडी तो अधिक हुई, मगर चेकअप कम महिलाओं का हुआ है। मार्च माह में 3456 महिलाओं की जांच की गई थी। जबकि 721 महिलाओं को भर्ती किया गया था। अप्रैल माह में केवल 454 महिलाओं का चेकअप हुआ है और 705 महिलाओं को भर्ती किया गया है। मई माह में 85 महिलाओं की जांच की गई है और 26 महिलाएं भर्ती हुई है। साफ है कि गायनिक की ओपीडी बंद होने से प्रसूताओं को भी परेशानी झेलना पड़ी है।

ऐसे समझे ओपीडी का कैसे गिरा ग्राफः-

दिसंबर 2019ः-62414 की ओपीडी, 6922 मरीज भर्ती हुए।

जनवरी 2020ः-67404 की ओपीडी एवं 6321 मरीज भर्ती किए गए हैं।

फरवरी 2020ः-73393 मरीजों का चेकअप हुआ और 6306 मरीजों को भर्ती किया गया।

मार्च 2020ः-55276 की ओपीडी एवं 3471 की आईपीडी दर्ज हुई है।

अप्रैल 2020ः-10269 मरीजों का चेकअप हुआ है, वहीं 1783 मरीज भर्ती किए गए।

मई माह में अब तकः-1465 मरीजों की ओपीडी एवं 83 मरीज भर्ती हुए।

वर्जनः-

आईएमए की कलेक्टर के साथ बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि साधारण बीमारियों से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए डॉक्टरों के नंबर की लिस्ट जारी की गई है। जिस पर मरीजों को सुविधा दी जा रही है। सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सुविधा मिल रही है। केवल जनरल ओपीडी का संचालन नहीं हो रहा है। क्योंकि कलेक्टर के आदेशानुसार रूटीन ओपीडी प्रतिबंधित है। रोजाना परिस्थितियां बदल रही हैं, ऐसे में यदि कलेक्टर कहेंगे रूटीन ओपीडी चालू करने की तो आईएमए चर्चा कर लेगा। रूटीन ओपीडी इसलिए बंद की है क्योंकि यदि एक भी संक्रमित मरीज आया तो डॉक्टर के संक्रमित होने से बहुत लोगों को संक्रमण फैलने का खतरा है।

डॉ सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष आईएमए

Posted By: Nai Dunia News Network

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