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ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बरई स्थित जिनेश्वरधाम में 6 दिसंबर से आयोजित हो रहे पंचकल्याणक महोत्सव में भाग लेने के लिए आचार्य विशुद्घ सागर महाराज 22 संतों के साथ ग्वालियर पधार चुके हैं। बुधवार की रात को उन्होंने पुरानी छावनी स्थित स्टोन पार्क पर जैन मंदिर में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद गुरुवार को वह गिरवाई पहुंचकर आहार करेंगे। वहीं पंचकल्याणक महोत्सव के लिए जिनेश्वरधाम में पंडाल आदि तैयार हो चुके हैं। साथ ही 41 फीट ऊंची भगवान महावीर स्वामी की मूर्ति भी बुधवार की रात्रि को बरई पहुंच गई है।

जिनेश्वरधाम में पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन 6 से 12 दिसंबर तक हो रहा है। इस महोत्सव में भाग लेने के लिए लगभग 50 संत और आर्यिकाएं आ रही हैं। इनमें सबसे प्रमुख आचार्य विशुद्घ सागर महाराज हैं, जो कि 22 संतों के साथ आ रहे हैं। दिगम्बरचर्या में आचार्य विशुद्घ सागर महाराज को दूसरा आचार्य विद्यासागर महाराज कहा जाता है। जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि आचार्य विशुद्घ सागर महाराज को मुनि दीक्षा लिए हुए 28 वर्ष हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38 युवाओं को मुनि दीक्षा दी है। इनमें से अधिकांश शिष्य उच्च शिक्षित हैं।

अब तक लिख चुके हैं 100 से अधिक पुस्तकें

प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि आचार्य विशुद्घ सागर महाराज स्वयं 10 वीं तक ही पढ़े हैं। लेकिन 28 वर्ष के तपस्वी जीवन में उनके अंदर धर्म और संस्कारों का ज्ञान का अकूत भंडार समाया हुआ है। इसी ज्ञान के भंडार के चलते उन्होंने अब तक 100 से अधिक धार्मिक पुस्तकों को लिखा है। इन पुस्तकों से समाज में धर्म का प्रवाह बढ़ा है।

25000 लोगों के लिए लगाया पंडाल

जिनेश्वरधाम में होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। महोत्सव में आने वाले हजारों भक्त वहां पर मौजूद आचार्यो और मुनियों से ज्ञान ले सकें। साथ ही पंचकल्याणक महोत्सव में गर्भकाल से लेकर मोक्ष तक का होने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रम को देख सके, इसके लिए 25000 से अधिक लोगों के एक साथ बैठने के लिए पंडाल लगाया गया है। यह पंडाल 25 हजार वर्गफीट में बना है। साथ ही साथ ही तीन मंच बनाए गए हैं, जिनमें एक मंच पर प्रतिष्ठित होने वाली मूर्तियां रखी जाएंगी। दूसरे मंच पर मुनि-आर्यिका विराजित होंगे, जबकि तीसरे मंच पर पंचकल्याणक की क्रियाएं सम्पन्न होंगी।

41 फीट मूर्ति पहुंची जिनेश्वरधाम

बरई में स्थापित होने वाली अब तक की सबसे बड़ी 41 फीट ऊंची भगवान महावीर स्वामी की मूर्ति राजस्थान के मकराना से बरई पहुंच चुकी है। चूंकि रात के समय यह मूर्ति बरई पहुंची है इसलिए इसे गुरुवार की सुबह क्रेन की मदद से उतारा जाएगा।

बरई में आज होगा विहसंत सागर महाराज का प्रवेश

पंचकल्याणक महोत्सव में भाग लेने के लिए बुधवार को जैन मंदिर गुड़ी गुढा का नाका से मुनीश्री विहसंत सागर महाराज ने विहार प्रारंभ किया था। वह बुधवार की शाम को 12.5 किलोमीटर का विहार कर नयागांव स्थित गेस्टहाउस में पहुंचे। वहां पर उन्होंने रात्रि विश्राम किया। गुरुवार की सुबह 7 बजे गेस्ट हाउस से नयागांव से बरई स्थित जिनेश्वरधाम के लिए प्रस्थान करेंगे।

यह कराएंगे प्राण प्रतिष्ठा

पंचकल्याणक महोत्सव में प्रतिष्ठाचार्य अजित कुमार शास्त्री के निर्देशन में पं अशोक शास्त्री (दिल्ली), पं. सम्मेद (महाराष्ट्र) पं सन्मति अजित उपाध्येय, पं रविन्द्र सुधाकर उपाध्येय, पं रूपेश चिंतामणि द्वारा मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी।

सुरक्षा कर्मियों से चाक चौबंध रहेगी जिनेश्वरधाम

जिनेश्वरधाम में पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान 10 निजीस्तर पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। जबकि प्रशासन की ओर से 25 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network