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ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मनुष्य के मन में पवित्रता भगवान के नाम से आती है। जब भी धर्म पर प्रहार होता है तो भगवान अवतार लेते हैं। यह बात थाटीपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथाव्यास आचार्य रमेश शास्त्री ने कही।

कथाव्यास ने कहा कि व्यक्ति को कर्म धर्म के कार्यों के लिए करना चाहिए। आज जिस क्षेत्र में हो उसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की सेवा करो। आप जरूरतमंद लोगों की सहायता करोगे तो भगवान आपकी सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि संत कबीर निर्धन थे और कपड़ा बुनकर अपना जीवन यापन करते थे। लेकिन संत और फकीरों के लिए उनके यहां पर हमेशा भंडारे चलते थे। क्योंकि संत कबीर के यहां पर स्वयं भगवान प्रकट हो जाते थे। मनुष्य को निरंतर भगवान के नाम का जाप करना चाहिए। अगर मनुष्य की बुद्घि पवित्र नहीं है तो भगवान के भजन में भी मन नहीं लगेगा।

निरतंर जपो राम का नाम

घर के अंदर खाना बनाते समय माता-बहनों को निरंतर श्री राम का नाम जपना चाहिए। हमारी सारी समस्याओं की परेशानियों का एक ही उपाय है रामभजन। इस भौतिक युग में अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा करनी चाहिए। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को राम कथा, भागवत कथा, श्रीमद् भगवत गीता का ज्ञान पहुंचाना होगा, तभी मानव कल्याण होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network