ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जीवाजी विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के तहत रिजल्ट बनाने में आ रही दिक्कत को दूर कर दिया है। बुधवार को बीकाम प्रथम वर्षा का रिजल्ट घोषित किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत पहला रिजल्ट रहेगा। वैसे स्नातक प्रथम वर्ष परीक्षा अप्रैल में खत्म होने के बाद रिजल्ट आ जाना चाहिए था। विद्यार्थी जुलाई से स्नातक द्वितीय वर्ष की पढाई शुरू करनी थी, लेकिन नई शिक्षा नीति की वजह से परीक्षा देर से हुई। अब रिजल्ट लेट आ रहा है। आधा सत्र बीत गया है। वहीं दूसरी ओर राज्यपाल ने शीघ्र रिजल्ट घोषित करने के निर्देश दिए हैं। जीवाजी विश्वविद्यालय ने बीकाम प्रथम वर्ष का रिजल्ट घोषित करने के लिए कंपनी को दे दिया था। जब रिजल्ट तैयार किया गया तो तकनीकी दिक्कत आ गई। यह दिक्कत क्रेडिट देने में ई। इस वजह से रिजल्ट की घोषणा को रोक दिया है। स्कीम की जांच के लिए विशेषज्ञों को दे दी। विशेषज्ञ स्कीम जांच कर कमियों को दूर कर दिया है।

बीए व बीएससी के सबसे बड़े रिजल्ट

-बीए व बीएससी में सबसे ज्यादा विद्यार्थी हैं। इनके रिजल्ट में भी दिक्कत आ सकती है। इन परीक्षाओं की कापियों का मूल्यांकन लगभग खत्म होने को है। 30 सितंबर से पहले रिजल्ट घोषित करना है।

- परीक्षा के लिए बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन के विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा विभाग ने स्कीम जारी की थी। जेयू ने भोपाल विश्वविद्यायय की स्कीम को स्वीकार किया था। भोपाल की स्कीम में दिक्त आई है।

- जिन विशेषज्ञों जो स्थिति आसान दिखी, वैसे सुधार किए गए, लेकिन कमियां पूरी नहीं की जा सकी।

यह दिक्कत आ रही है

- नई शिक्षा के नीति के तहत ग्रेडिंग सिस्टम हो गया है। विद्यार्थी को क्रेडिट के आधार ग्रेड दी जा रही है। जैसे कि किसी विद्यार्थी की 400 नंबर से 40 क्रेडिट मिल रही है। कुछ विद्यार्थियों को 300 में से 40 क्रेडिट मिल रही है। क्रेडिट के नंबर में समानता नहीं है। किसी को 40 क्रेडिट मिल रही है तो किसी विद्यार्थी को 39 मिल रही है।

- प्रेक्टीकल व शेषन के नंबर से दिक्कत भी अाई है। यदि वर्तमान स्थिति में रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है तो वह गलत माना जाएगा। रिजल्ट घोषणा के बदलाव अासान नहीं है।

- ए, बी, सी, डी ग्रेडिंग की जाएगी।

Posted By: anil tomar

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