जोगेंद्र सेन. (ग्‍वालियर नईदुनिया प्रतिनिधि) । सोशल मीडिया के युग में जरूरी नहीं कि आप से अपराधी का मेल-जोल व परिचय हो। 500 से 1000 किलोमीटर दूर बैठकर साइबर ठग आपको आसानी से ठग सकते हैं। कोरोना संक्रमण की तरह से ठगी से बचने के लिए एक मात्र उपाय सावधानी है। दूसरा किसी अपरिचित के प्रलोभन में नहीं फंसे। साइबर ठगी की प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक शिकायतें आ रहीं हैं। हर रोज साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए हथकंडे अपनाते हैं। जिला साइबर सेल में पदस्थ धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान में एटीएम क्लोन, एटीएम बदलने, फर्जी फेस आइडी से परिचितों को मुसीबत में होने की सूचना आर्थिक मदद मांगना, लिंक भेजकर व ऐप डाउनलोड कराकर साइबर ठग लोगों को ठगने का ट्रेंड चल रहा है।

1-आर्थिक मदद करने से पहले परिचित से पहले संपर्क कर पूछ लें-

अमूमन हर व्यक्ति फेसबुक अकाउंट व वॉट्सऐप ग्रुुुप से अपने संगे-संबंधियों व परिचितों से हर पल संपर्क में रहने के लिए उपयोग कर रहे हैं। साइबर ठग आपके फेसबुक अकाउंट को हेक कर या फिर फर्जी फेसबुक आइडी पर आपका फोटो लगाकर आपके फेसबुक फ्रेंड को मैसेज भेजते हैं। और मुसीबत में बताकर तत्काल आर्थिक मदद मांगते हैं। अकाउंट नंबर भेजते हैं। भावुक होकर लोग बगैर परिचित से बगैर संपर्क कर मदद भेज देते हैं। फेसबुक अकाउंट व वॉट्सऐप पर किसी परिचित के मुसीबत में फंसे होने का मैसेज आने पर पहले अपने उससे संपर्क कर पूछ लें कि वाकई मुसीबत में हैं या फिर ठगों का बिछाया जाल है।

2 एटीएम कार्ड से ट्रांजैैक्शन करते समय किसी अपरिचित की मदद न लें-

एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर व मदद के बहाने कार्ड बदलकर ठगों द्वारा खाते से पैसा निकालने की शिकायतें लगातार बढ़ रही है। दो गैंग अंचल में पकड़ी जा चुकी है। इस गैंग के सदस्य बगैर गार्ड वाले एटीएम बूथ के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के एटीएम बूथों को टारगेट करते हैं। यह लोग एटीएम बूथ पर खड़े हो जाते हैं। कार्ड से ट्रांजैैक्शन करने वाले ऐसे व्यक्ति पर नजर रखते हैं, जिसे ठीक ढंग से कार्ड का उपयोग करना नहीं आता है। यह ठग ट्रांजेक्शन मदद करने के बहाने आप से कार्ड लेकर डिवाइस के माध्यम से कार्ड का डाटा चोरी कर लेते हैं। उसके बाद कार्ड का एटीएम का क्लोन तैयार कर खाता खाली कर देते थे। कई बार यह ठग नजरें बचाकर एटीएम कार्ड बदल लेते हैं। इसलिए ट्रांंजैैक्शन करते समय किसी की मदद न लें।

3- लिंक पर क्लिक करने व ऐप डाउनलोड करने से बचें- साइबर ठग काफी शातिर होते हैं। इनाम व किसी स्कीम के तहत पैसा आपके खाते में ट्रांसफर करने का लालच देकर अपनी लिंक भेजते हैं। और लिंक को क्‍ल‍िक करने के लिए कहते हैं। लिंक को क्‍ल‍िक करते हैं तो आपके खाते की जानकारी इन तक पहुंच जाती है। और ई-वॉलेट से ठग खरीदारी कर लेते हैं। या फिर लालच देकर एप डाउन लोड करते हैं। इसलिए किसी के लालच में नहीं फंसे और बगैर जानकारी के किसी लिंक पर क्लिक नहीं करें। और एप भी डाउनलोड न करें।

Posted By: anil.tomar

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