ग्वालियर।नईदुनिया प्रतिनिधि

मुरैना जिला अस्पताल के रेड क्रॉस सोसायटी के अंतर्गत काम करने वाली एंबुलेंस एमपी 06डीए 0262 मुरैना अस्पताल से मरीज को लेकर आई और निजी अस्पताल केडीजे में भर्ती करवा कर चली गई। गजब की बात यह है कि मरीज से मुरैना से ग्वालियर तक लाने का किराया भी नहीं लिया गया। यह बात मरीज रमा राजावत ने हेल्थ टीम को बयान दर्ज करवाते हुए बताई। हेल्थ टीम ने मरीज के बयान दर्ज करने के बाद एंबुलेंस की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में इस बात का पता किया जाएगा कि जिला अस्पताल मुरैना के अधीन काम करने वाली एंबुलेंस की रेडक्रोस की रसीद कटी है अथवा नहीं। यदि रसीद काटी गई तो उस रसीद को मरीज को देकर किराया क्यों नहीं बसूल किया गया ।जबकि एंबुलेंस चालक को चाहिए था कि वह मरीज कमलाराजा अस्पताल पहुंचाता। पर एंबुलेंस चालक ने ऐसा न करते हुए निजी अस्पताल में मरीज को भर्ती करवाया और किराया भी नहीं लिया। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि अस्पताल और एंबुलेंस चालक के बीच मरीजों की कमिशनखोरी का बड़ा खेल चल रहा है। इस मामले को अब एडीएम के समक्ष रखा जाएगा। हेल्थ टीम में मरीज का बयान लेने के लिए डॉ सचिन श्रीवास्तव और 108 एंबुलेंस के नोडल अधिकारी आईपी निवारिया पहुंचे थे।

यह है मामला-

हेल्थ टीम को बुधवार को सूचना मिली थी कि मुरैना से सरकारी एंबुलेंस एक मरीज को लेकर केडीजे अस्पताल लक्ष्मीबाई कॉलोनी लेकर पहुंची है। सूचना मिलने के बाद भी सीएमएचओ से परमीशन न मिलने के बाद हेल्थ टीम जांच करने नहीं पहुंच सकी। गुरुवार को सीएमएचओ मृदुल सक्सेना ने जांच की इजाजत दी। जिसके बाद हेल्थ टीम केडीजी में भर्ती मरीज रमा राजावत के बयान दर्ज करने पहुंची। मरीज रमा ने बताया कि उसे सीने में दर्द और खून की उल्टियां हो रहीं थी। जिसको लेकर जिला अस्पताल मुरार में भर्ती हुए वहां पर डॉक्टर ने कमलाराजा के रेफर करने के लिए कहा था। तभी एंबुलेंस चालक आया और उन्हें अच्छा इलाज दिलाने का झांसा देकर कल्याण अस्पताल लक्ष्मीबाई कॉलोनी में पहुंचा दिया। एंबुलेंस चालक किराए के 900 रुपए भी नहीं ले गया।