- अब डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहन भी कालोनियों में नहीं पहुंच रहे हैं

ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर सहित पूरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का जश्न मनाने में डूबा हुआ है। 75वें स्वतंत्रता दिवस पर हर-घर तिरंगा अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन शहर के लोग अब भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से स्वतंत्र होने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। अफसरों की लापरवाही के कारण अधिकतर इलाकों में टूटी सड़कें, आवारा मवेशी और गंदगी का आलम पसरा हुआ है। इसके अलावा वर्षा होने पर इन समस्याओं की स्थिति कोढ़ में खाज जैसी हो जाती है। इन समस्याओं से त्रस्त जनप्रतिनिधियों से लेकर जनता भी अब हाहाकार कर इन समस्याओं से आजादी मांग रही है।

आजादी के अमृत महोत्सव पर शहर भले ही तीन रंगों में रंगा हुआ नजर आ रहा है, लेकिन शहर में तीन ही समस्याएं अभी सर्वाधिक रूप से हैं। ये हैं टूटी सड़कें, आवारा मवेशी और गंदगी। स्वच्छता सर्वेक्षण के समय अफसरों ने पूरा ध्यान सिर्फ सफाई पर दिया। इसका नतीजा यह है कि मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत ही नहीं हो पाई। मानसून आने पर हालत यह है कि वाहन हिचकोले खाते हुए सड़कों से निकल रहे हैं। पिछले 15 दिनों में हिचकोले खाते वाहन भी अब सड़कों पर ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, क्योंकि ज्यादातर इलाकों में सड़कों पर मवेशियों का कब्जा है। एक तरफ गड्ढे और दूसरी तरफ मवेशियों के कारण वाहन चालक बहुत संभलकर सड़कों से निकलते हैं। बरसात के कारण कई इलाकों में सीवर चैंबर उफान पर हैं। इसके अलावा गड्ढों में पानी भरने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। सीवर चैंबर उफनने और टूटी सड़कों के कारण शहर पर कीचड़ इकट्ठी हो जाती है। इसके अलावा अब डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहन भी कालोनियों में नहीं पहुंच रहे हैं। इसके कारण क्षेत्रों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इन समस्याओं से आजादी पाने के लिए अब भी जनता को अफसरों की कृपा का इंतजार है।

Posted By: anil tomar

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