ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। कैंसर, मधुमेह, हृदय रोगों और प्रतिघात की रोकथाम और नियंत्रण हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) को 2010 में 21 राज्यों के 100 जिलों में शुरू किया गया था, ताकि प्रमुख गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और उन पर नियंत्रण किया जा सके। इसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के अलावा, स्वास्थ्य संवर्धन, रोगों के शीघ्र निदान और प्रबंधन पर है। नेशनल सेंटर फोर डिसीज इंफोर्मेटिक्स एंड रिसर्च ने 1982 में राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम की स्थापना की थी। इसकी देखरेख आइसीएमआर बेंगलुुरु द्वारा की जाती है। जनसंख्या और अस्पताल आधारित कैंसर रजिस्ट्री का नेटवर्क केस लोड, रुझान, अस्तित्व और प्रबंधन का अनुमान लगाने के लिए कैंसर की घटनाओं,मृत्यु दर और क्लीनिक पहलुओं से संबंधित डेटा तैयार किया जाता है।

समुदाय, सिविल सोसाइटी, समुदाय-आधारित संगठनों के साथ व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन। मधुमेह, उच्च रक्तचाप और आम कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए उप-केंद्र और स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली में सभी स्तरों पर जांच आदि की व्यवस्था की गई थी। एनसीडी क्लीनिक पर संचारी बीमारियों का इलाज विशेष रुप से कैंसर, मधुमेह और स्ट्रोक आदि बीमारियों का इलाज शुरू करना था। जिसका डेटा तैयार करना और मृत्यु दर व जोखिम को कम करने के साथ इनके कारणों पर निगरानी रखना है। । असल में बीमारियों को रोकने और नियंत्रित करने के लिए बुनियादी ढांचे की मज़बूती, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य संवर्धन, शीघ्र निदान, प्रबंधन और परामर्श पर ध्यान देने के लिए वर्ष 2010 में नैशनल प्रोग्राम फोर प्रिवेंशन एंड कण्ट्रोल ऑफ़ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर डिसीसेस एंड स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) शुरू किया गया था। अब इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है जिसको लेकर जयारोग्य अस्पताल को क्षेत्रीय कैंसर केंद्र बनाया गया है। जयारोग्य अस्पताल के कैंसर विभाग /टर्सरी केयर/ में हास्पिटल वेस्ड कैंसर रजिस्ट्री योजना शुरू होने जा रही है। जिसका प्रभारी कैंसर विभागाध्यक्ष डा संजय चंदेल को बनाया गया है। यह योजना अगले चार साल के लिए जेएएच में काम करेगी। राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) की रोकथाम की दिशा में काम किया जाएगा। जिसमें कैंसर मरीजों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा जिससे वह आगे भारत सरकार को स्वास्थ्य योजना बनाने में आसानी हो सकेगी। हाल ही में आइसीएमआर के एनसीडी डिविजन के डायरेक्टर से जीआर मेडिकल कालेज के डीन डा समीर गुप्ता के बीच अनुबंध हुआ है। जिसके तहत यह योजना अब जेएएच में शुरू होने जा रही है। जयारोग्य अस्पताल के कैंसर विभाग में पहुंचने वाले मरीजों का पूरा डेटा संधारित किया जाएगा। यह डेटा आइसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड होगा। जिसमें मरीज,उनकी संख्या, उम्र, कैंसर के प्रकार, इलाज व उसके प्रकार तथार इलाज से मिलने वाला फायदा या नुकसान की पूरी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह डेटा जिला, व संभाग स्तर से लिया जाएगा और पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

Posted By: anil tomar

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