Cash Van Loot in Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के बीचो बीच जयेंद्रगंज इलाके में 1 करोड 20 की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले आरोपित अगर 2 घंटे और नहीं पकड़े जाते तो पुलिस के हाथ से निकल सकते थे। गनीमत रही कि पुलिस को ड्राइवर पर शक हो गया इसके चलते यह लोग मिल नहीं सके। दोनों लुटेरों ने शहर के बाहर भागने की प्लानिंग कर रखी थी। पुलिस आज तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश करेगी, इनसे लूट का खुलासा तो पूरा हो चुका है लेकिन फिर भी इन्हें 1 दिन की रिमांड पर लिया जाएगा। जिससे डिजिटल साक्षर इनके बयानों को को रिलेट किया जा सके।

सोमवार सुबह 10:47 बजे पैकेजिंग मैटेरियल सप्लाई करने वाली कंपनी के ड्राइवर और मुनीम पर कट्टा अड़ाकर कार की डिक्की में रखे 1.20 करोड़ रूपए लूट लिए थे। लूट होने के बाद ड्राइवर ने मालिक मेहताब सिंह गुर्जर और बालकिशन साहू को सूचना दी। करीब 1 घंटे बाद पुलिस यहां पहुंची। तब तक लुटेरे ठिकानों पर पहुंच चुके थे। पुलिस ने जब इस घटना के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तभी पुलिस को संदेह हो गया था कि ड्राइवर की कहानी में कुछ झोल है। ड्राइवर की डिक्की खोल में और ब्रेक लगाने के तरीके से पुलिस को उस पर संदेह बढ़ गया। जिसके चलते ड्राइवर और मुनीम को अलग अलग बैठा कर बात की गई। तब सामने आया कि मुनीम को तो पता ही नहीं था कि कार्टून में रखें रुपए भी लूट लिए गए हैं। जबकि ड्राइवर ने बताया कि लुटेरों ने डिग्गी खुद ही खोली थी। डिक्की में इलेक्ट्रानिक लाक के बाद अपने आप खुलने की बात भी पुलिस के गले नहीं उतरी। इसके चलते फिर पुलिस ने ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ की। इसमें ड्राइवर प्रमोद गुर्जर टूट गया और उसने अपने साथी आकाश गुर्जर व सूरज लोधी के साथ वारदात करना स्वीकार किया। इन लोगों ने बताया कि रात को इतनी बड़ी रकम मिलने की ख़ुशी में पार्टी थी, होटल में ही हिस्सा कर लेते इसके बाद सूरज व आकाश निकल जाते।

Posted By: anil tomar

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