Cash Van Loot in Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के बीचों बीच 1.20 करोड़ रुपए की सनसनीखेज लूट पुलिस के गले नहीं उतर रही थी। जिस तरह से गाड़ी की डिक्की खुली, वह पुलिस के लिए बड़ा सवाल था। सबसे बड़ा शक तब हुआ। जब मुनीम ने पुलिस अधिकारियों से कहा- उसे पता ही नहीं था, बदमाश डिक्की में रखे 1.20 करोड़ रुपए ले गए हैं। बैंक पहुंचकर ड्राइवर ने डिक्की अंदर से खोली और जब अंदर मुनीम ने झांककर देखा तो रुपए गायब थे। फिर पुलिस ने मुनीम और ड्राइवर को अलग-अलग बैठाकर बात की। डिक्की खुलने के सवाल पर ही ड्राइवर अटक गया और उसने पूरा राज उगल दिया।

जैसे ही कट्टा लेकर खड़े लुटेरे ने हाथ देकर गाड़ी रोकी तो ड्राइवर प्रमोद गुर्जर ने पहले ही ब्रेक मारकर गाड़ी की गति धीमी कर ली, जबकि सामने से दूसरी गाड़ी तक नहीं आ रही थी। यहां पुलिस को सबसे पहले शक हुआ। एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि जब फुटेज देखे तो इसमें ब्रेक लगाने के दौरान ही ड्राइवर पर शक हो गया था। इसके चलते डीएसपी ऋषिकेष मीणा, सीएसपी रवि भदौरिया को ड्राइवर से पूछताछ में लगाया, जबकि सीएसपी विजय भदौरिया और सीएसपी रत्नेश तोमर ने मुनीम सुनील शर्मा से अलग-अलग बात की। इसमें मुनीम ने बताया- जैसे ही घर से निकले तो ड्राइवर ने कार्टन डिक्की में रखने को कहा। उसने रुपयों का बैग आगे रख लिया। जैसे ही गाड़ी रुकवाई और कट्टा दिखाकर बदमाश ने डैश बोर्ड पर रखे मोबाइल छीने और गोली मारने की धमकी दी तो लगा यह सिर्फ मोबाइल लूट ले गया है। उसे पता ही नहीं लगा डिक्की खुली या नहीं, जब बैंक पहुंचा तब ड्राइवर ने डिक्की से रुपए लुटने की जानकारी दी। उसने दोनों अधिकारियों को यही बताया। जब डिक्की खोलने के बारे में ड्राइवर से पूछा तो बोला- वह अपने आप खुल जाती है, क्योंकि मालिक ने सेंसर हटवा दिया है। जब मेहताब और बालकिशन से बात की तब वह बोले- सेंसर कभी नहीं हटवाया, डिक्की बाहर से खुल ही नहीं सकती, उसमें इलेक्ट्रानिक लाक है। इसी सवाल पर ड्राइवर अटक गया और जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो सच उगल दिया। इतना ही नहीं जिस को पहनकर लुटेरे ने गाड़ी रोकी, वही जैकेट पहने वह फूलबाग के पास दिखा। जिसमें वह गाड़ी का इंतजार कर रहा था।

पुलिस को चकमा देने की कोशिश, बैंक पहुंचकर मालिक को बताया, जिससे साथी ठिकाने तक पहुंच जाएं

- एएसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि चकमा देने और साथियों को ठिकाने तक पहुंचाने के लिए जैसे ही ड्राइवर बैंक पहुंचा तो उसने मुनीम को यह कहा कि पहले बचे हुए रुपए जमा कर दो। तब तक उसने मालिक को फोन नहीं करने दिया। फिर बैंक मैनेजर के पास पहुंचे, यहां से पहले बालकिशन, इसके बाद मेहताब को बताया। फिर पुलिस कंट्रोल रूम तक खबर पहुंची, इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई। तब तक लुटेरे भाग चुके थे।

- लुटेरों ने संकरी गली की एक मल्टी में अपनी स्पलेंडर बाइक एमपी07 एमएफ 1014 छिपा दी। कार्टन में रखे रुपए लूटकर यहां तक दौड़कर पहुंचे, रास्ते में कार्टन गिर भी गया था। फिर यहां से बाइक उठाई, पहले ऊंट पुल, फिर अचलेश्वर रोड से सिटी सेंटर, आकाशवाणी तिराहा, गोला का मंदिर होते हुए डीडी नगर पहुंचे। मुख्य चौराहों से निकले, कई जगह पुलिस सामने खड़ी थी, लेकिन इन्हें पता था पुलिस को खबर ही नहीं है, इसलिए सामने से निकल गए।

- प्लानिंग थी कि रात में महाराजपुरा स्थित एक होटल में तीनों मिलते, यहां तीनों का हिस्सा होता। इसके बाद आकाश व सूरज शहर से भाग जाते।

बड़ी लूट होते ही इकठ्ठे हो गए सभी पुलिस अधिकारी: शहर की यह सबसे बड़ी लूट थी। इससे पहले गोला का मंदिर इलाके में करीब एक करोड़ रुपए की डकैती हुई थी। इसमें एडीजी डी.श्रीनिवास वर्मा खुद मौके पर पहुंचे। एसएसपी अमित सांघी ने पूरे मामले को लीड किया। एएसपी मोती उर रहमान, एएसपी राजेश दंडोतिया, डीएसपी ऋषिकेष मीणा, सीएसपी रत्नेश तोमर, सीएसपी विजय भदौरिया, रवि भदौरिया, क्राइम ब्रांच प्रभारी दामोदर गुप्ता, इंदरगंज थाना प्रभारी अनिल भदौरिया, एएसपी राजीव साेलंकी सहित 60 लोगों की टीम पड़ताल में लगाई। पहली बार लूट की घटना में डीएसपी ट्रैफिक नरेश अन्नोटिया भी पड़ताल में लगे, उन्होंने स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम खंगाले। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे, उन्हाेंने टीम को फूलमाला पहनाई, साथ ही सभी को एक-एक हजार रुपए का नकद इनाम अपनी तरफ से दिया।

Posted By: anil tomar

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